100 सालों में पहली बार केरल में पड़ा सूखा, क्लाउड सीडिंग पर सरकार कर रही विचार

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तिरुवनंतपुरम। 100 साल के सबसे बड़े सूखे को झेल रहे केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने मंगलवार को संकेत दिया कि सूखे से निपटने के लिए उठाए जा रहे कदमों में क्लाउड सीडिंग पर भी विचार किया जा रहा है। विजयन ने कहा कि उनकी सरकार स्थिति से निपटने के लिए हर वह कदम उठा रही है जो इंसान के वश में है।

क्लाउड सीडिंग

क्लाउड सीडिंग के जरिए सरकार कराएगी कृत्रिम बारिश

उन्होंने कहा, ‘कृत्रिम बारिश कराने का एक तरीका क्लाउड सीडिंग भी है। इसका कई स्थानों पर सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया है।’ उन्होंने हालांकि कहा कि इस पर अभी विचार किया जा रहा है और कोई निर्णय नहीं लिया गया है। विजयन ने कांग्रेस विधायक शफी पारामबिल द्वारा पेश स्थगन प्रस्ताव पर बहस के दौरान यह बातें कहीं।

शफी ने आरोप लगाया था कि सरकार जानबूझकर बहस से भाग रही है। पारामबिल काफी गुस्से में थे और उन्होंने कहा, ऐसे हालात जहां लोग पीने के पानी के लिए बदहवास यहां से वहां घूम रहे हैं, अगर सदन का ध्यान नहीं खींच रहे तो आप किस विषय पर चर्चा करने के बारे में सोच रहे हैं। पारामबिल ने कहा कि इस मुद्दे पर बहस से सरकार को सूखे से निपटने के लिए कई सुझाव मिलेंगे। राज्य की जनता ही नहीं बल्कि पशु-पक्षी तक सूखे से प्रभावित हैं।

पारामबिल के इस बयान पर हस्तक्षेप करते हुए मुख्यमंत्री विजयन ने कहा, ‘ बारिश नहीं होने से राज्य सूखे से प्रभावित हुआ है, इसलिए उनकी सरकार पर आरोप लगाने का कोई तुक नहीं है।’ चंद्रशेखरन ने सदन को यह जानकारी भी दी कि पेयजल की उपलब्धता भी काफी कम हुई है।

राजस्व मंत्री चंद्रशेखरन ने बारिश के आंकड़े सामने रखते हुए बताया कि सितंबर 2016 में राज्य में 34 फीसदी कम बारिश हुई। इसकी तरह अक्टूबर से दिसंबर तक बारिश की मात्रा में 62 फीसदी की कमी दर्ज की गई।

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