11 साल पाकिस्तान ( Pakistan ) की सलाखों में काट कर घर वापिस आ रहा है पुनवासी

ग्यारह साल बाद पाकिस्तान की जेल से छूटने के बाद उत्तर प्रदेश ( UP ) के मिर्जापुर के रहने वाले पुनवासी की घर वापसी चार जनवरी को निश्चित हो गयी है।

मिर्जापुर: ग्यारह साल बाद पाकिस्तान ( Pakistan ) की जेल से छूटने के बाद उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर ( Mirzapur ) के रहने वाले पुनवासी की घर वापसी चार जनवरी को निश्चित हो गयी है। जिला प्रशासन ने उसकी वापसी की कागजी कार्यवाही पूरी कर ली है।

पुनवासी की बहन किरण और बहनोई उसे लेने एक जनवरी को अमृतसर ( Amritsar ) जाएंगे। उनके साथ जिला प्रशासन के अधिकारी और पुलिसकर्मी भी जायेगे। आधिकारिक सूत्रों ने आज यहां कहा कि पुनवासी चार जनवरी को घर वापिस आ जायेगा। हावड़ा से दिल्ली जाने वाली कालका मेल में सभी का रिजर्वेशन कराया गया है। उन्होंने बताया कि अमृतसर में जिला प्रशासन से कागजी औपचारिकता के सम्बन्ध में पूरी तैयारी कर ली गयी है।

अमृतसर के अटारी बार्डर पर भारत को सौंपा 

मिर्जापुर ( Mirzapur ) जिले के भरुहना गांव निवासी पुनवासी 2009 में बार्डर पार कर पाकिस्तान पहुंच गया था। वह लगभग ग्यारह वर्ष तक पाकिस्तान जेल में बंद रहा। खास बात यह है कि पाकिस्तान जेल में उसकी सजा दो वर्ष पहले ही समाप्त हो गई थी। पर उसके घर का पता लगाने में खुफिया विभाग ( Intelligence ) को दो साल लग गए। 17 नवम्बर को पाकिस्तान सरकार ने उसे अमृतसर के अटारी बार्डर पर भारत को सौप दिया था।

तब से लेकर अब तक पुनवासी अमृतसर के हेल्थ सेंटर में है। अमृतसर प्रशासन ने मिर्जापुर जिले के प्रशासन को जानकारी दी थी। मिर्जापुर ज़िला प्रशासन (District administration) ने संज्ञान लेते हुए पुनवासी के चार जनवरी को घर वापसी का रास्ता साफ कर दिया। पुनवासी की बहन किरण बहुत खुश हैं। उसने कहा कि हम तो उसके जिंदा होने की आशा छोड़ चुके थे। दो महीने पहले एक सिपाही ने घर आ कर सारी स्थिति से अवगत कराया था। तब से हम सब दौड़ धूप कर रहे थे।

पाकिस्तान सरकार ने भारत के विदेश मंत्रालय

आखिरकार वह दिन आने वाला है। मेरे माता-पिता उसकी राह देखते देखते संसार छोड़ चुके हैं। अब केवल मै ही परिवार में हूँ। असल में पुनवासी दो साल पहले ही वतन वापसी कर लेता। पर पाकिस्तान जेल में यातना से वह अपना मानसिक संतुलन खो चुका है। उसे अपने घर का पता तक मालूम नहीं है। पाकिस्तान सरकार ने भारत के विदेश मंत्रालय ( foreign Ministry ) को 2018 में सूचना दे दी थी। पुनवासी के घर का पता लगाने में दो साल लग गए। ज़िला प्रशासन के सूत्रों ने बताया कि वतन वापसी के बाद वह अब धीरे धीरे ठीक हो रहा है।

बहरहाल पुनवासी के घर वापसी से भरुहना गांव के लोग भी खुश हैं। अचानक उसके जिंदा होने की सूचना पर लोग आश्चर्य चकित भी हुए। हालांकि गांव में उसका घर अब नहीं है। वह लालगंज में अपनी बहन किरण के घर रहेगा।

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