1164 शिक्षकों की भर्ती में हुआ फर्जीवाड़ा

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देहरादून। उत्तराखंड में आजकल कुछ ठीक नहीं चल रहा है। राज्‍य में राष्ट्रपति शासन लग गया है। वहीं राज्य में हुई 1164 शिक्षकों की भर्ती में फर्जीवाड़े का पता चला है। पता चला है कि पहाड़ के दूरदराज के जनपदों में तैनात कई शिक्षक तथ्यों को छिपाकर फिर से चयनित हो गए हैं।

स्थानांतरण

शिक्षक भर्ती में फर्जीवाड़ा से खुली पोल

शिक्षा विभाग की इस लापरवाही से सैकड़ों बेरोजगारों के भविष्य से खिलवाड़ किया गया है। जिन्हें तीन दिन के भीतर नियुक्ति न मिली तो उनका सरकारी बेसिक स्कूलों में शिक्षक बनने का सपना हमेशा के लिए अधूरा रह सकता है।

सहायक अध्यापक के पद पर हुई नियुक्ति

शिक्षा विभाग में पूर्व में सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्ति पा चुके कई शिक्षकों को अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, बागेश्वर, पौड़ी आदि पहाड़ के दूरदराज के जनपदों में भेजा गया था, लेकिन इन शिक्षकों ने अपने ही विभाग में तथ्यों को छिपाकर फिर से नियुक्ति पा ली और शिक्षक भर्ती में फर्जीवाड़ा किया।

पहले से काम कर रहे हैं शिक्षक

एससीईआरटी की ओर से रविवार को जारी की गई 1164 शिक्षकों की चयनित सूची में 400 से अधिक शिक्षक ऐसे बताए गए हैं जो पहले से विभाग में कार्यरत हैं। इन शिक्षकों ने देहरादून, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर आदि जनपदों में नियुक्ति के लिए शिक्षक भर्ती के लिए फिर से आवेदन किया था।

अधिकारियों ने कहा, निरस्त होगी नियुक्ति

विभागीय अधिकारियों का कहना है कि फिर से नियुक्ति पा चुके शिक्षकों की नियुक्ति निरस्त की जाएगी। सवाल यह है कि यदि इनकी नियुक्ति निरस्त भी कर दी गई तो इससे रिक्त पदों पर विभाग को प्रतीक्षा सूची में शामिल बेरोजगारों को तीन दिन के भीतर नियुक्ति देनी होगी। ऐसा न हुआ तो बीएड बेरोजगार अब प्राथमिक विद्यालयों में कभी शिक्षक नहीं बन पाएंगे।

तथ्यों को छिपाकर फिर से चयनित हो गए शिक्षक

आवेदन मांगे जाने के दौरान स्पष्ट किया गया था कि जो शिक्षक विभाग में कार्यरत हैं वे दोबारा विभाग में भर्ती के लिए आवेदन नहीं करेंगे। इसके बावजूद कुछ शिक्षक तथ्यों को छिपाकर फिर से चयनित हो गए। समस्त डीईओ को निर्देश दिए गए हैं कि नियुक्ति देने से पहले अभ्यर्थियों से शपथ-पत्र लिए जाएं।

गीता नौटियाल, अपर निदेशक एससीईआरटी

पूर्व में हुई नियुक्ति से भी नहीं लिया सबक

शिक्षा विभाग ने विभाग में पूर्व में हुई शिक्षकों की भर्ती से भी सबक नहीं लिया। पूर्व में विभाग में 2794 शिक्षकों की भर्ती की गई। जनवरी वर्ष 2014 में इसके लिए विज्ञप्ति जारी की गई। उस दौरान शिक्षकों की फिर से नियुक्ति से शिक्षकों के 200 से अधिक पद विभाग में खाली रह गए थे।

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