2019 लोकसभा चुनाव के साथ 12 इन राज्यों में भी पड़ सकते हैं वोट

नई दिल्ली : विधि आयोग नए तरीके से चुनाव करने की तैयारी में है इस बार 2019 में होने वाले लोकसभा के चुनाव के साथ-साथ विधानसभा चुनाव कराने को लेकर विधि आयोग ने सरकार को अपनी एक रिपोर्ट सौंपी है जिसमे लोकसभा और राज्यसभा में एक साथ चुनाव कराने के प्रस्ताव का समर्थन किया है और संविधान में संशोधन भी करने को कहा है।

आयोग ने अपनी रिपोर्ट में ये बताया है कि आधे राज्यों में एक साथ चुनाव कराने लिए संवैधानिक संशोधन आवश्यक नहीं है। 12 राज्यों और एक केंद्र शाषित प्रदेश का चुनाव 2019 के आम चुनावों के साथ किए जा सकते हैं।

वहीं 2021 के अंत तक 16 राज्यों और पुडुचेरी के चुनाव आयोजित किए जा सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो आगे चलकर चुनाव पांच साल में केवल दो बारही होंगे।

इस मसौदा रिपोर्ट में विधि आयोग ने लोकसभा और विधानसभा के चुनाव एक साथ कराने का समर्थन करते हुए यह तय किया है कि संविधान और अन्य कानून में कम से कम संशोधन करना पड़े।

गौरतलब है कि केंद्र की मोदी सरकार देश में एक साथ चुनाव कराने के विचार का समर्थन कर रही है। जिसके पीछे तर्क है कि इससे देश के नागरिकों पर चुनावी खर्चों का अतिरिक्त भार कम होगा और बार-बार चुनाव कराने के लिए संसाधनों के इस्तेमाल की बचत होगी।

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एक साथ लोकसभा और विधानसभा चुनाव की वकालत करते हुए बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने विधि आयोग को पत्र भी लिखा था। जिसमे उन्होंने चुनाव में होने वाले खर्च को कम करने की सिफारिश की थी ।

अब विधि आयोग ने सरकार के समक्ष एक देश, एक चुनाव पर विभिन्न सिफारिशों के साथ रिपोर्ट सौंपी है। हालांकि सरकार इन सिफारिशों को मानने के लिए बाध्य नहीं है।

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