12 साल के युवा खिलाड़ी ने चेस में रचा इतिहास, ऐसा करने वाले विश्व के दूसरे खिलाड़ी बने

नई दिल्ली। चेन्नई के आर प्रज्ञानंद ने शनिवार को इतिहास रच दिया। 12 साल 10 महीने और 13 दिन के प्रगनंद दूसरे सबसे युवा चेस ग्रैंडमास्टर बन गए हैं। युक्रेन के सर्जी ने 12 साल सात महीने की उम्र में साल 1990 में खिताब जीता था। हलांकि अब वह इस दुनिया में नहीं है और प्रज्ञनंदा सबसे युवा जीवित ग्रैंडमास्टर है।

इतिहास

वर्ल्ड चैंपियन कार्लसन 13 साल चार महीने के थे जब उन्होंने ये खिताब जीता था वहीं भारत के सबसे बड़े चेस स्टार विश्वनाथन आनंद ने ये जीत 18 साल की उम्र में हासिल की थी।

इटली में चल रहे ग्रेडीन ओपन में उन्होंने शानादर प्रदर्शन किया। उन्होंने कई शानादर हासिल करके नौंवें राउंड में नैंदरलैंड्स के प्रुजिसर्स के साथ ड्रॉ खेला और इसके साथ उन्होंने ये मुकाम हासिल किया। प्रज्ञानंद ने साल 2017 में वर्ल्ड जूनियर में पहला ग्रैंडमास्टर नॉर्म हासिल किया था उसके बाद दूसरा ग्रैंड मास्टर नॉर्म उन्हें ग्रीस में हुए क्लोज राउंड रॉबिन टूर्नामेंट में हासिल किया।

प्रज्ञानंद की बहन वैशाली भी चेस खेलती थी। चेस की ओर प्रज्ञानंद का रूझान उन्हीं को देखकर हुआ। शुरुआत में प्रज्ञनंद के पिता नहीं चाहते थे कि वह चेस खेले क्योंकि माध्यमवर्ग के परिवार के दो बच्चों के खेल का खर्च उठाना संभव नहीं था। इसके बावजूद प्रज्ञनंद ने शुरुआत की बहन के चेस सीखना शुरू किया। आज उनकी इस उपलब्धी पूरा परिवार बेहद खुश है। उनकी जीत के बाद से ट्विटर पर लोगों की सराहना मिल रही है। पांच बार के वर्ल्ड चैंपियन विश्वनाथन आनंद ने ट्वीट करके प्रज्ञानंद को इस जीत की बधाई दी।

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