उत्तर प्रदेश में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि से काफी नुकसान, 14 लोगों की मौत

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में गुरुवार को खासकर पश्चिमी उप्र के विभिन्न जिलों में आंधी-बारिश और ओलावृष्टि से काफी नुकसान हुआ। इस दौरान 14 की लोगों की मौत हो गई, जबकि बौछार पड़ने से मौसम सुहाना हो गया। हालांकि पूर्व और मध्य पूर्वी उत्तर प्रदेश में मौसम के तेवर अलहदा रहे। इन इलाकों में गर्मी चरम पर है। गुरुवार को झांसी सबसे अधिक गर्म रहा। वहां पारा 47 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आंधी-तूफान से प्रभावित लोगों को तत्काल राहत पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। प्रभावित जिलों के जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि जन हानि, पशु हानि एवं मकान क्षति से प्रभावित व्यक्तियों को 24 घंटे के भीतर सहायता राशि उपलब्ध कराई जाए। दैवी आपदा के मृतक आश्रितों को चार-चार लाख रुपये की सहायता उपलब्ध कराने को कहा है।

राजधानी लखनऊ में मौसम की तल्खी पिछले दो-तीन दिन से फिर बढ़ गई है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक राहत के आसार नहीं हैं। गुरुवार सुबह से गर्म हवा लू का अहसास कराती रही। मौसम विभाग के अनुसार दिन में हवा गर्म है। वहीं, वायुमंडल में नमी के कारण पृथ्वी की गर्माहट व धूल ऊपर नहीं उठ पा रही है। इसके चलते रात में भी रहात नहीं मिल रही है। प्रदेश में मौसम फिलहाल ऐसा ही रहेगा।

गुरुवार को झांसी 47.4 डिग्री तापमान के साथ प्रदेश में सर्वाधिक गर्म रहा। बांदा में 46.2 और आगरा में तापमान 46 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। इटावा और उरई में 45 डिग्री जबकि हमीरपुर में 44.2 व बस्ती 44 रहा। इलाहाबाद और कानपुर में 43.4 डिग्री रिकार्ड हुआ।

गुरुवार रात में बहराइच, श्रावस्ती, बाराबंकी और गोंडा जिलों में अचानक मौसम बदल गया। तेज हवा के साथ बारिश शुरू हो गई। कई इलाकों में बिजली के खंभे, छप्पर, टिन शेड और पेड़ों के गिरने सूचना है। आंधी के कारण आम की फसल को काफी नुकसान हुआ है।

आगरा में गुरुवार को आसमान से दिनभर सूरज की किरणें आग बरसाती रहीं पर शाम को आंधी, बारिश के साथ ही जमकर ओलावृष्टि हुई। कासगंज में पेड़ गिरने से दो लोग और गेट से दबकर एक महिला की जान चली गई। एटा में वज्रपात से एक युवक और टिनशेड गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। मैनपुरी में भी इसी तरह के हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई।

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