भारत में रोड एक्सीडेंट में हर रोज मरते हैं 16 बच्चे

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  • प्रिल्यूड पब्लिक स्कूल में डॉ. सुमित सिन्हा ने बच्चों को दिलाई यातायात के नियम मानने की शपथ
  • आगरा को फ्री ऑफ एक्सीडेंट बनाने में सहयोग का बच्चों ने दिया वचन
  • रोड एक्सीडेंट के कारण हर साल भारत को होता है 55000 करोड़ का नुकसान

आगरा। शहर को फ्री ऑफ एक्सीडेंट बनाने के लिए प्रिल्यूड पब्लिक स्कूल के बच्चों को डॉ. सुमित सिन्हा ने यातायात के नियम मानने की शपथ दिलाई। आईएमए आगरा, न्यूरोट्रोमा सोसायटी ऑफ इंडिया व पारस हॉस्पीटल गुड़गांव के संयुक्त तत्वावधान में सीरीज ऑफ रोड सेफ्टी अवोयरनेस ड्राइव इन आगरा प्रोजेक्ट की धोषणा व पहला कार्यक्रम का आयोजन प्रिल्यूड पब्लिक स्कूल दयालबाग में आयोजित किया गया।

न्यूरोट्रोमा सोसायटी ऑफ इंडिया के सचिव डॉ. सुमित सिन्हा ने बच्चों को बताया कि हेलमेट लगाने से एक्सीडेंट होने पर आप 40 प्रतिशत अधिक सुरक्षित रहते हैं। इसके बाद भी मात्र 10 फीसदी लोग ही हेलमेट लगाते हैं। बच्चों ने शपथ ली कि वह आगरा फ्री ऑफ एक्सीडेंट में सहयोग के लिए अपने दोस्तों व माता-पिता को भी जागरूक करेंगे। डॉ. शिवानी चतुर्वेदी ने बच्चों को ट्रिपलिंग व रेस न लगाने की नसीहत दी। डॉ. आलोक मित्तल ने कहा एक्सीडेंट होने पर आपके साथ आपका परिवार बी सफर करता है। इसलिए गाड़ी चलाते समय गलतियां करने से बचें और खुद के साथ परिवार को भी सुरक्षित रखें। स्कूल के निदेशक सुशील गुप्ता ने अतिथियों का स्वागत स्मृति चिन्ह प्रदान कर किया। धन्यवाद ज्ञापन निदेशक श्याम बंसल व संचालन रूपा प्रकाश ने किया।

मिनिस्ट्री ऑफ रोड ट्रांस्पोर्ट एंड हाईवे रिवेल्ड के आंकड़ों पर आधारित तथ्य

  • हर रोज भारत में रोड एक्सीडेंट में हो जाती डेढ़ लाख मौत
  • हर चार मिनिट में रोड एक्सीडेंट में एक बारतीय खो देना है अपनी जान।
  • इसमें 37.1 मृत्यु नेशनल हाई-वे, 24.4 स्टेट हाई-वे व 35.5 मृत्यु अन्य रोड पर होती हैं।
  • हर रोड 16 बच्चे मरते हैं रोड एक्सीडेंट में।
  • दिल्ली की सड़कों हर रोड पांच लोग जान गंवाते हैं रोड एक्सीडेंट में।
  • शराब पीकर गाड़ी चलाना रोड एक्सीडेंट का मुख्य कारण है।
  • रोड एक्सीडेंट के कारण भारत को हर वर्ष 55000 करोड़ का आर्थिक नुकसान होता है।

ड्राइव करते समय समय रखें इन बातों का खयाल

  • बिना लाइसेंस के गाड़ी न चलाएं।
  • हेलमेट के बिना दोपहिया वाहन और सीट बेल्ट लगाए बिना चार पहिया वाहन न चलाएं।
  • अपने माता-पिता व दोस्तों को भी इसके लिए जागरूक करें।
  • गाड़ चलाते समय व रोड पर चलते समय मोबाइल पर बात या नेट का प्रयोग न करें।
  • शराब पीकर गाड़ी चलाने पर सबसे अधिक एक्सीडेंट होते हैं, क्योंकि ऐसी स्थिति में सोचने व तुरंत निर्णय लेने की क्षमता कमजोर हो जाती है।
  • ओवर स्पीड में गाड़ी न चलाएं।
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