नोट बंदी के दौरान जनधन खातों में रुपयों की खूब हुई धुलाई

नई दिल्ली। जनधन खातों के माध्यम से नोट बंदी के दौरान हजारों करोड़ रुपए का घोटाला हुआ है। सरकार की तरफ से आ रहे आंकड़े पहले लग रहे आरोपों की पुष्टि कर रहे हैं।
नोटबंदी के बाद से जनधन खातों में 50 फीसदी अधिक राशि जमा हुई है। एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। वित्त मंत्रालय की ओर से जारी वक्तव्य के अनुसार 21 दिसंबर तक प्रधानमंत्री जनधन योजना (पीएमजेडीवाई) के तहत खुले खातों में कुल 71,557.90 करोड़ रुपये जमा हुए।
नौ नवंंबर से बढ़ी जमा
उल्लेखनीय है कि जनधन योजना के तहत 26 करोड़ से अधिक खाते खुले हैं। आयकर विभाग के अनुसार नौ नवंबर को जनधन खातों में जमा कुल धनराशि 45,637 करोड़ रुपये थी। संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान सरकार ने बताया था कि आठ नवंबर को प्रधानमंत्री द्वारा नोटबंदी की घोषणा के आठवें दिन जनधन खातों में जमा कुल धनराशि बढ़कर 64,252.15 करोड़ रुपये हो गई थी।
सरकार ने दी थी चेतावनी
सरकार ने इसके बाद 18 नवंबर को जनधन खाताधारकों को चेतावनी भी दी थी कि वे काले धन को सफेद करने में बेइमान लोगों को अपने खातों का दुरुपयोग न करने दें। जिसके बाद जनधन खातों में जमा होने वाली धनराशि में कमी भी आई। वित्त मंत्रालय ने बीते वर्ष दिसंबर की शुरुआत में एक वक्तव्य जारी कर कहा था कि नोटबंदी के बाद जनधन खातों में पैसा जमा करने में आई तेज वृद्धि में धीरे-धीरे कमी आई है।
ऐसे जमा हुआ धन
जनधन खातों में आठ नवंबर से 15 नवंबर के बीच कुल 20,206 करोड़ रुपये जमा हुए, जबकि 16-22 नवंबर, 2016 के बीच 11,347 करोड़ रुपये जमा किए गए। इसके बाद 23-30 नवंबर, 2016 के बीच जनधन खातों में कुल 4,867 करोड़ रुपये जमा हुए। एक दिसंबर, 2016 को जनधन खातों में कुल 410 करोड़ रुपये, जबकि दो दिसंबर को 389 करोड़ रुपये जमा हुए।
जांच में दिक्कत हो सकती है जनधन खाताधारकों को
सरकार उन जनधन खातों की जांच जरूर कराएगी जिनमें कई लाख रुपए जमा होने की जानकारी सामने आई है। ऐसे लाखों खाते हैं जिनमें लाखों रुपए नगद जमा कराया गया है। जनधन खाता खुलते वक्त इनमें 50 हजार तक जमा कराने की छूट थी, लेकिन इन नियमों को खुलेआम धज्जियां उड़ाई गईं।

loading...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Time limit is exhausted. Please reload the CAPTCHA.