सरकारी कंपनियों की हिस्सेदारी बेचने में तेजी दिखा रही सरकार

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नई दिल्ली। केंद्र सरकार को केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों (सीपीएसई) में अपनी हिस्सेदारी बेचने से चालू वित्त वर्ष के पहले आठ महीनों में 21,342 करोड़ रुपये की आय हुई है। इससे सरकार ने केंद्रीय बजट में निर्धारित वित्तीय लक्ष्य को 60 फीसदी हासिल कर लिया है। वित्त मंत्रालय ने एक बयान जारी कर बताया है कि सीपीएसई के विनिवेश से नवंबर 2016 तक कुल 21,432.38 करोड़ रुपये की प्राप्ति हुई है। यह बजटीय लक्ष्य का 59.53 फीसदी है। बजट में विनिवेश से कुल 36,000 करोड़ रुपये इकट्ठा करने का लक्ष्य रखा गया है।
कई कंपनियों का नियंत्रण सरकार ने छोड़ा
बयान में कहा गया है कि चालू वित्त वर्ष 2016-17 के दौरान सरकार ने विनिवेश से अब तक 23,528.73 करोड़ रुपये इकट्ठा किया है, जिसमें से 21.432 करोड़ रुपये 14 सीपीएसई में अल्पमत हिस्सेदारी बेचने से मिले हैं। इसके अलावा 2096.35 करोड़ रुपये रणनीतिक विनिवेश के जरिये जुटाए गए हैं। इसके तहत सरकार ने विभिन्न सार्वजनिक उपक्रमों में हिस्सेदारी 50 फीसदी से भी कम कर प्रबंधन नियंत्रण का स्थानांतरण कर दिया है।
विनिवेश लक्ष्य
बयान में कहा गया है कि वर्तमान वित्त वर्ष में 56,500 करोड़ रुपये का विनिवेश लक्ष्य रखा गया है, जिसमें से 36,000 करोड़ रुपये सार्वजनिक उपक्रमों के विनिवेश से और 20,500 करोड़ रुपये रणनीतिक निवेश के जरिए जुटाए जाएंगे। पिछले साल अक्टूबर में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने नीति आयोग के उस प्रस्ताव पर अपनी मुहर लगा दी थी, जिसमें सार्वजनिक उपक्रमों, जिनमें ऐसे उपक्रम भी शामिल हैं जो लाभ में चल रहे हैं, में हिस्सेदारी की रणनीतिक बिक्री की सिफारिश की गई थी।
कच्चे तेल की कीमत 54.41 डॉलर प्रति बैरल
वहीं बजट घाटे पर कमी लाने के प्रयासों के पर कच्चे तेल के भाव बढ़ने से चिंता बढ़ रही है। भारतीय बास्केट के कच्चे तेल की अंतर्राष्ट्रीय कीमत 54.41 डॉलर प्रति बैरल रही। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अधीनस्थ पेट्रोलियम नियोजन एवं विश्लेषण प्रकोष्ठ (पीपीएसी) द्वारा मंगलवार को यह जानकारी दी गई। रुपये के संदर्भ में भारतीय बास्केट के कच्चे तेल की कीमत सोमवार को बढ़कर 3701.40 रुपये प्रति बैरल हो गई, जबकि शुक्रवार को यह 3697.71 रुपये प्रति बैरल थी। रुपया सोमवार को कमजोर होकर 68.02 रुपये प्रति डॉलर के स्तर पर बंद हुआ, जबकि शुक्रवार को यह 67.95 रुपये प्रति डॉलर था।

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