181 महिला हेल्पलाइन की कर्मचारियों ने वेतन न मिलने पर किया प्रदर्शन ,जीवीके कंपनी पर लगाये गंभीर आरोप

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के इको गार्डन पार्क  में 181 महिला हेल्पलाइन की कर्मचारियों ने 18 अगस्त को जीवीके कंपनी के खिलाफ प्रदर्शन किया है.कर्मचारियों को पिछले 13 महीने से उनका वेतन नहीं मिला है.औए तो और कंपनी ने 181 हेल्पलाइन के कर्मचारियों को जुलाई में ही बिना कोई पूर्व सूचना दिए अचानक निकाल दिया. महिलायें तब से ही अपनी मांगों को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रही हैं . सरकार ने आश्वासन भी दिया था की उनकी तनख्वाह इन्हें दी जायेगी.पर अब तक उनका वेतन उन्हें नहीं मिल पाया हैं.

क्या है पूरा मामला

दरसल उत्तर प्रदेश में जब सपा की सरकार थी और अखिलेश यादव मुख्यमंत्री हुआ करते थे.तब उन्होंने महिलाओं को अपराधों से बचाने के लिए 181 महिला हेल्पलाइन की शुरुआत की थी.जो तब 6  सीटर हुआ करती थी.उत्तर प्रदेश में सरकार बदली नए मुख्यमंत्री बने योगी आदित्यनाथ उन्हें यह हेल्प लाइन पसंद आई और उन्होंने इसकी क्षमता बढ़ा के 30 सीटर कर दिया. लेकिन इसकी कागजी कार्यवाई ठीक से हुई नहीं.कैबिनेट से पास कराये बिना इसकी क्षमता बढ़ा दी गई. साल भर से ज्यादा हो गए सरकार ने इसको संभालने वाली कंपनी जीवीके को भुगतान नहीं किया.भुगतान की जरूरी फाइलें सरकारी दफ्तरों में फ़ुटबाल बन गई.और एक टेबल से दूसरे टेबल पर घूमती रही. जिसकी वजह से कर्मचारियों का भी भुगतान सालों से अटका हुआ है.

 

 

जीवीके कंपनी पर लग रहे हैं गंभीर आरोप

जीवीके कंपनी पर पहले भी कर्मचारियों का शोषण करने के आरोप लगते रहे हैं.वेतन न मिलाने से परेशान एक आयुषी नाम की कर्मचारी ने कुछ दिन पहले ही आत्महत्या भी कर ली थी.इस कंपनी के खिलाफ बीते दिनों 102 और 108 एम्बुलेंस हेल्पलाइन के कर्मचारियों ने भी प्रदर्शन किया था.उनकी भी नाराज़गी वेतन ना मिलने को लेकर थी.

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