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भ्रष्टाचार के 19 साल पुराने मामले का फैसला, पूर्व RPSC अधिकारी को हुई इतने साल की सजा

भ्रष्टाचार विरोधी कोर्ट के विशेष न्यायाधीश प्रमोद कुमार मलिक ने यह सजा सुनाते हुए कहा

नई दिल्ली: राजस्थान के कोटा में भ्रष्टाचार विरोधी एक अदालत ( Anti-Corruption Court ) ने एक 19 साल पुराने मामले में बुधवार को राजस्थान प्रशासनिक सेवा ( RPSC ) के एक पूर्व अधिकारी और तीन अन्य लोगों को सात साल कैद की सजा सुनाई। भ्रष्टाचार विरोधी कोर्ट के विशेष न्यायाधीश प्रमोद कुमार मलिक ने यह सजा सुनाते हुए कहा कि आरएएस के पूर्व अधिकारी के साथ-साथ तीन अन्य लोग भी इस मामले शामिल है। यह तीन लोग कोटा नगर निगम ( Kota Nagar Nigam ) के दो पूर्व कर्मचारी का भी नाम हैं।

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अदालत ने चारों लोगों को दोषी ठहराते हुए सात साल की सजा सुनाई। इतना ही नहीं कैद के साथ-साथ सभी पर 21 लाख का जुर्माना भी लगाया है। सहायक निदेशक, अभियोजन अशोक कुमार जोशी ने मामला पर जानकारी देते हुए बताया कि अदालत ने पूर्व आरएएस अधिकारी के. एल. मीणा, जूनियर इंजीनियर बाबू गुप्ता और क्लर्क जगन्नाथ तथा कोटा निवासी हरि सिंह को सजा सुनाई है।

ACB court sentences 7 years imprisonment and Rs 21 lakh to Ex RAS officer  and 3 others - भ्रष्टाचार के 19 साल पुराने मामले में पूर्व RAS अधिकारी समेत  4 को जेल

आपकों बता दें कि कोटा की भ्रष्टाचार विरोधी एक विशेष अदालत ने 19 साल पुराने मामले में राजस्थान प्रशासनिक सेवा में कार्यरत पूर्व अधिकारी समेत चार लोगों पर को फर्जी दस्तावेजों के जरिए जमीन बेचने के आरोप में अदालत ने सात साल कैद की सजा सुनाई है। सभी पर 21 लाख का जुर्माना भी लगाया है।

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