बड़ा हादसा : गोरखपुर में आॅक्सीजन सप्लाई ठप होने से दर्जनों मासूमों सहित 20 मरीजों की मौत

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गोरखपुर। सीएम योगी के निर्देश के बाद भी स्वास्थ महकमा अपनी लापरवाहियों से बाज नहीं आरहा है। इन्हीं लापरवाहियों की वजह से गोरखपुर में बड़ा हादसा हो गया है। यहां के बीआरडी मेडिकल कालेज में आक्सीजन सप्लाई ठप होने से 20 से अधिक मासूमों व अन्य मरीजों की मौत हो गई है।

इस दर्दनाक घटना के बाद लखनऊ से लेकर गोरखपुर तक हडकंप मचा हुआ है। जानकारी के मुताबिक, यहां इंसेफ़लाइटिस के मरीजों के लिए सौ बेड बने हैं। इन बड़ों के आईसीयू सहित दूसरे आइसीयू व वार्डों में देर रात 11.30 बजे से ही ऑक्सीजन की सप्लाई ठप होना  शुरू हो गई थी। यह सिलसिला सुबह 9 अजे तक चलता रहा। जिसके बाद एक एक करके करीब 20 लोगों की मौत हो गई।

चारों तरफ चीख पुकार व अफरातफरी का माहौल है। दैनिक जागरण में छपी खबर के मुताबिक, पहली बार रात आठ बजे इंसेफलाइटिस वार्ड में आक्सीजन सिलेंडर से की जा रही सप्लाई ठप हो गई। इसके बाद वार्ड को लिक्वड आक्सीजन से जोड़ा गया। यह भी रात 11.30 बजे खत्म हो गया। इससे यहां तैनात डॉक्टरों के होश उड़ गए। हर तरफ अफरा तफरी का माहौल था।

इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों को फोन मिलाया गया लेकिन उधर से कोई जवाब नहीं मिला। इस बीच रात 1.30 बजे तक सप्लाई ठप रही। इसी बीच मरीजों को हालात बिगड़ने लगी और मौत करीब आने लगी। यहां मौजूद डॉक्टर व स्टाफ जैसे कोमा मचले गए। उन्हें कुछ समझ नहीं आरहा  था कि इस हालात से कैसे निपटे।

इस बीच रात 1.30 बजे सिलेंडर आक्सीजन से लदी गाड़ी आई और आनन फानन में उसको आक्सीजन से जोड़ा गया। मरीजों के साथ स्टाफ को भी राहत मिली लेकिन फिर सुबह आक्सीजन खत्म हो गया। कुछ इंतजाम किया गया लेकिन वहां भर्ती मरीजों के लिए काफी नहीं था। अब तक 20 मरीजों के मरने की खबर है। तादाद और भी बढ़ सकती है।

आपको बता दें कि कई दिनों से यहां ऑक्सीजन की कमी की सूचना थी। लेकिन प्रशासन ने अपनी कोशिश शुरू नहीं कि जिसका नतीजा लोगों की जान से चुकाया गया। जानकारी के मुताबिक, बीआरडी मेडिकल कॉलेज में दो वर्ष पूर्व लिक्विड ऑक्सीजन का प्लांट लगाया गया। इसके जरिए वार्ड 6, 10, 12, 14 और 100 बेड इंसेफेलाइटिस वार्ड में मरीजों को ऑक्सीजन दी जाती है।

आपूर्ति करने वाली फर्म पुष्पा सेल्स के अधिकारी दिपांकर शर्मा ने करीब 64 लाख रुपए बकाया होने पर आपूर्ति ठप करने की सूचना दो दिन पहले प्रिंसिपल को दे दी थी। गुरुवार को पत्र के जरिए इसकी सूचना तम्मा जिम्मेदार अधिकारियों को दी गई। लेकिन कार्रवाई में देरी कर दी जिसकी वजह से 20 लोगों की मौत हो गई। इन मौतों का जिम्मेदार कौन होगा, सरकार जांच के आदेश देगी, लोग सस्पेंड किये जाएंगे लेकिन उससे जो मर गए हैं उन्हें वापस तो नहीं लाया जा सकेगा। लोग जहां जिंदगी की उम्मीद में जाते हैं वहां अगर लापरवाही की वजह से मौत मिले तो आम इन्सान जाए तो जाए कहाँ?

 

  

 

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