उत्तरप्रदेश के मेरठ में हुए दंगे में 200 परिवार तबाह ,आरोपी चिन्हित 25 हज़ार का इनाम घोषित

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उत्तर प्रदेश: मेरठ में भूसा मंडी में 200 परिवार को तबाह करने वाले 22 बवाली चिह्नित किए गए हैं। इन बवालियों के नाम एक आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में खुलकर सामने आए हैं। एसएसपी ने फरार आरोपियों पर 25-25 हजार का इनाम घोषित किया है।इनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस और क्राइम ब्रांच की चार टीमों का गठन किया है। हालांकि सिस्टम की लापरवाही यह रही कि पुलिस 24 घंटे में एक भी नई गिरफ्तारी करने में नाकाम रही और बुधवार को जो चार लोग पकड़े थे, उनमें से तीन को दबाव में छोड़ दिया गया।
बुधवार शाम भूसा मंडी और मछेरान में लगी भीषण आग में 200 परिवार बर्बाद हो गए थे। घरों में रखे सिलिंडर फटने लगे थे, जिसमें धार्मिक स्थल भी जल गया। जिसके बाद बवालियों ने दिल्ली रोड पर तोड़फोड़ व लूटपाट की। एसएसपी नितिन तिवारी ने गुरुवार को बताया कि 22 बवालियों की गिरफ्तारी पर 25-25 हजार का इनाम घोषित किया है।
सदर थाना और क्राइम ब्रांच की टीमें दबिश दे रही हैं। आरोपी नदीम पुत्र मोहम्मद हयात बुधवार को ही गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने नदीम से पूछताछ की, जिसने बवाल करने में 22 लोगों के नाम बताए हैं। पुलिस के अनुसार बुधवार से गुरुवार तक चली कवायद के बाद 58 ऐसे लोगों की सूची बनाई गई, जो बवाल में शामिल होने माने गए। लेकिन इनमें से गुरुवार रात 22 बवालियों को चिह्नित कर उन पर इनाम घोषित कर दिया गया।
भूसा मंडी क्षेत्र में गुरुवार को पुलिस, पीएसी और आरएएफ के साथ-साथ सेना की क्यूआरटी भी मुस्तैद रही। बवाली यदि फिर से सड़क पर आए तो उनसे निपटने की पूरी तैयारी थी। मुजफ्फरनगर, हापुड़, बुलंदशहर, बागपत सहित कई जिलों का पुलिस बल भी यहां तैनात रहा। इस बीच सवाल उठे कि जिस तरह से बवालियों ने भूसा मंडी, मछेरान व दिल्ली रोड पर बुधवार को अराजकता का माहौल बनाया। उसके मद्देनजर पुलिस ने ठोस कार्रवाई नहीं की। चार आरोपी बुधवार को पकड़े गए थे, जिनमें से तीन को दबाव में छोड़कर केवल एक आरोपी नदीम की गिरफ्तारी दिखाई दी। बृहस्पतिवार दिन भर न तो कोई दबिश दी और न कोई नई गिरफ्तारी हुई। बवालियों की पहचान भी गुरुवार रात होना बताया गया। पुलिस सूत्रों की मानें तो माहौल खराब होने का अंदेशा होने के चलते दिन भर भूसा मंडी और मछेरान में दबिश नहीं दी गई। वहीं एसओ सदर विजय गुप्ता का कहना है कि जो तीन लोग छोड़े हैं, उनका बवाल से कोई लेनादेना नहीं है। अशफाक पुत्र बाबू, सईद भारती पुत्र रहीस, हाजी शाहिद उर्फ सईद पुत्र सुल्तान, रहीस पुत्र नसीर, कामिल पुत्र मुस्तकीम, वसीम पुत्र शमीम, अमीर पुत्र अनीस (केले वाला), तसलीम (स्मैक माफिया) पुत्र फिरोज, आरिफ पुत्र रियाजुद्दीन, अब्दुल पुत्र नईम, शमशाद पुत्र कबीर, शासक पुत्र गुल्लू, मानू उर्फ मनु पुत्र सईद, रिजवान पुत्र महबूब, सरफराज पुत्र हाजी सईद, नदीम पुत्र हयात, मुस्तकीम पुत्र हाजी फिरोज, कल्लू पुत्र इरफान, आलम पुत्र नईम समेत 22 लोगों को चिह्नित किया गया है।
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