#2016 तुला राशि वाले या तो गाड़ी खरीदेंगे या मकान

libतुला अर्थात लिब्रा राशि दक्षिण-पूर्व दिशा की ओर संकेत देती है। 2016 में आपके राशि के स्वामी शुक्रदेव मंगलवार 19 जनवरी को वृश्चिक राशि से धनु राशि में प्रवेश करेंगे। 2016 के प्रारंभ से ही शनि तुला से दूसरे भाव वृश्चिक व गुरू आपकी राशि से ग्यारहवें भाव सिंह में गोचर करेंगे। रविवार 31 जनवरी  से राहु तुला से ग्यारहवें भाव सिंह में व केतू पांचवें भाव कुंभ में प्रवेश करेंगे। शनि के दूसरे भाव में गोचर के कारण लाभ निरंतर बना रहेगा। पारिवारिक सुख में वृद्धि होगी। वाहन व प्रॉपर्टी में वृद्धि होगी। गुरु राहु की युति के कारण निजी जीवन में नास्तिकता की ओर बढेंगे,अधार्मिक कार्यों में रूचि बढेगी। पक्ष विपक्ष को समझने में खुद को उलझा हुआ पाएंगे। जो लोग ध्यान व योग में रूचि रखते हैं यह वर्ष उनके लिए श्रेष्ठ है। आइए विस्तार से जानते हैं की वर्ष 2016 में आपके जीवन के हर क्षेत्र पर क्या प्रभाव पड़ेगा।

स्वास्थ्य: साल 2016 में भी आप पर शनि की साड़ेसाती चल रही है। शनि की पूर्ण दृष्टि आपके आयु भाव पर पड़ रही है अतः शारीरिक कष्ट या स्वास्थ्य में थोड़ी परेशानी आ सकती है इसलिए सतर्कता अवश्य बरतें। शनि से संबंधित रोग जैसे गैस की समस्या, हड्डियों से सम्बंधित रोग, पैरों में दर्द इत्यादी से पीड़ित रह सकते हैं। आपकी हैल्थ पर ध्यान दें तो, सरदर्द, नेत्र विकार व जोड़ों में दर्द जैसी कुछ प्रोब्लेम्स आ सकती हैं। नियमित रूप से फिजिकल एक्सरसाइज करने से ऐसी प्रोब्लेम्स से छुटकारा मिल सकता है। अतः हैल्थ का पूरा ख़्याल रखें।

परिवार: पंचम भाव में केतु होने से संतान व गर्भ को बड़ा कष्ट होता है। अतः गर्भवती महिलाएं अपना विशेष ख्याल रखे। संतान पक्ष के लिए यह वर्ष थोड़ा कष्टप्रद हो सकता है। संतान को चोट लगने की संभावनाएं बनी हुई हैं।  संतान से बार-बार विवाद होने की संभावना है। शनि आपकी कुंडली में बाधक व योगकारक दोनों रोल प्ले करता है। वर्तमान में शनि ने सुख के क्षेत्र को घेर रखा है। अतः परिवार में विच्छेद व परिजनों से वैचारिक मतभेद हो सकते हैं। लाइफ पार्टनर के साथ कहा-सुनी हो सकती है, लेकिन माता-पिता के साथ मधुर संबंध बने रहेंगे। आपके निजी ज़िन्दगी में माता जी की दख़लंदाजी बढ़ेगी, जो कि उचित नहीं है। भाई-बहनों से संबंध बहुत अच्छे रहेंगे। उनका उत्थान होगा और आपका पराक्रम भी बढ़ा रहेगा।

रोमांस: वर्ष 2016 विवाह के इच्छुक जातकों के लिए यह वर्ष शुभता लिए हुए है। विवाह के अच्छे अवसर प्राप्त होंगे परंतु साल 2016 में लव-रिलेशनशिप्स से सुख नहीं प्राप्त होगा। अगर आप किसी के साथ रिलेशनशिप में हैं तो आपको प्रोब्लेम्स का सामना करना पड़ सकता है पर इस साल आपकी ज़्यादा फिजिकल रिलेशनशिप से सुख की प्राप्ति होने वाली है परंतु फिजिकल रिलेशनशिप में बैलेन्स बनाना आपके लिए ज़रूरी है।  सितंबर से आगे का समय इसके लिए बेहतर रहेगा। इस साल नए रिलेशनशिप्स से बचें और अपनी फीलिंगस कंट्रोल में रखें और किसी ऐसे व्यक्ति के प्रति आकर्षित होने से बचें जो आपके सामाजिक परिवेश से भिन्न हो, क्योंकि आपकी सोश्ल इमेज धूमिल होने के योग हैं।

रुपया-पैसा: वर्ष 2016 में अगर आपके फाइनेंशियल मैटर्स की ओर ध्यान दिया जाए तो शनिदेव का आपकी राशि से दूसरे भाव में गोचर करना फाइनेंशियल लॉस को इंगित करता है। बृहस्पति का राहू से एकादश भाव में दूषित होना फाइनेंशियल लॉस की ओर इशारा कर रहा है। फाइनेंसियल मैटर्स को लेकर आपके अनुचित निर्णय,बेकार निवेश और गलत फ़ैसलें आपको बड़ी फाइनेंशियल प्रोब्लेम में डाल सकते हैं। अतः पूरी सावधानी से अपने मनी मैटर्स को संभालें। किसी पर भी ज़्यादा विश्वास न करें। दोस्त और अन्य लोग आपको धोखा दे सकते हैं। अतः हर कदम संभलकर रखें। ओवर कॉन्फ़िडेंस के कारण आपको शर्मिंदा होना पड़ सकता है। अतः ओवर कॉन्फ़िडेंस में आकर कोई बड़ा धन संबंधित निर्णय न लें।

प्रोफेशन: साल 2016 में बृहस्पति के ग्यारहवें भाव में गोचर करने के कारण आपकी आर्थिक हानि से सुरक्षा होगी। किसी भी प्रकार के प्रॉपर्टी के लेन-देन में लोगों के सलाह लेकर ही निर्णय लें। रविवार दिनांक 31 जनवरी  से राहु तुला से ग्यारहवें भाव सिंह में गुरु से मिलकर चांडाल योग बनाएंगे इसके बाद आपको ज़्यादा सतर्क रहने की ज़रूरत है। ऑफिस में सभी से शिष्टता बनाए रखें व पॉज़िटिव रवैया अपनाएं। सितंबर से पहले नई नौकरी मिल सकती है और सैलरी में बढ़ोत्तरी हो सकती है। जोश में आकर निर्णय लेना हानि का कारण बन सकता है। साल 2016 में सोच-समझकर खर्चा करें व लोन्स लेने से बचें। 2016 में प्रोफेशनल लाइफ में पार्टनर के साथ आपके संबंध अच्छे रहेंगे।

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