आठ स्टेशनों पर कई घंटे खड़ी रहीं 24 ट्रेन, पानी और खाने को लेकर हुई लूटमार

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नई दिल्ली: कोरोना वायरस महामारी के लिए देश में लागू लॉकडाउन के चलते जो दूसरे राज्यों में फंसे मजदूर श्रमिक विशेष ट्रेनों से वापस लौट रहे हैं। महाराष्ट्र सहित अन्य प्रदेशों में फंसे बिहार और उत्तर प्रदेश के मजदूरों के लिए चलाई गई श्रमिक ट्रेनें शुक्रवार को सिग्नल न मिलने की वजह से कई घंटे तक मध्यप्रदेश में खड़ी रहीं। शुक्रवार को जब ये ट्रेनें मध्यप्रदेश पहुंचीं तो उन्हें भोपाल से सिग्नल नहीं मिल पाया। श्रमिक विशेष ट्रेनें सुबह से शाम तक भुसावल से खंडवा के बीच आठ अलग-अलग स्थानों पर चार से 10 घंटे तक खड़ी रहीं। ऐसे में चिलचिलाती धूप में जब मजदूरों को खाना और पानी नहीं मिला तो उनका गुस्सा फूट पड़ा। बुरहानपुर में उन्होंने तोड़फोड़ मचा दी। खंडवा में वे समाजसेवियों द्वारा लाए गए खाने पर टूट पड़े और पानी की 110 पेटियां भी छीन लीं। मुंबई से पटना जा रही नॉन-स्टॉप श्रमिक एक्सप्रेस सिग्नल नहीं मिलने के कारण शुक्रवार सुबह आठ बजे खंडवा स्टेशन पर खड़ी हो गई।शुक्रवार को ऐसे हालात खंडवा से लेकर भुसावल तक हर छोटे-बड़े स्टेशनों पर नजर आए जहां मुंबई, गुजरात और दक्षिण भारत से मजदूरों को लेकर यूपी और बिहार जाने वाली 24 श्रमिक स्पेशल ट्रेनें 4 से 10 घंटे तक खड़ी रहीं।

करीब 20 हजार मजदूर चिलचिलाती धूप में परेशान होते रहे। अधिकारी नियमों का हवाला देकर कुछ भी उपलब्ध नहीं करा सके। हंगामे की खबर मिलने पर कलेक्टर ने मजदूरों को खिचड़ी बंटवाई। निगम ने पानी के टैंकर खड़े कर दिए। कई श्रमिकों ने बताया कि उन्होंने 700 रुपये का टिकट दलालों को दो-दो हजार रुपये देकर खरीदा है। भोपाल मंडल के प्रवक्ता आईए सिद्धीकी ने कहा कि हमारे यहां से कोई सिग्नल नहीं रोका गया था।

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