26/11 मुंबई हमला : आठ साल बाद भी लगता है जैसे कल की ही बात हो

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मुंबई। मुंबई में हुए 26/11 आतंकी हमले को आज आठ साल पूरे हो गए हैं। आज ही के दिन आठ साल पहले मुंबई में एक साथ कई जगहों पर हुए इन आतंकवादी हमलों में 170 लोगों की जान चली गई थी। आज भी वो भयानक दिन याद कर के लोग कांप उठते हैं। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और राज्यपाल सी. विद्यासागर राव ने मुंबई के मरीन ड्राइव पर मृतकों और शहीदों को श्रद्धांजलि दी। 

26/11 मुंबई हमला

26/11 मुंबई हमला : आठ सालों बाद भी अब तक जख्म नहीं भरे

ये वही काला दिन था जब लश्कर-ए-तैयबा के 10 आतंकी समुद्री रास्ते से मुंबई में दाखिल हुए और 170 बेगुनाह लोगों को गोलियों से छलनी करके मौत के घाट उतार दिया था। करीब 308 लोग बुरी तरह घायल हुए थे साथ ही साथ ही एटीएस प्रमुख हेमंत करकरे, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अशोक कामटे और वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक विजय सालस्कर सहित 15 पुलिसकर्मी मारे गए थे। एनएसजी के दो कमांडो भी हमले में शहीद हुए थे।

आज भी आजाद घूम रहा है हमले का मास्टरमाइंड

आतंकियों ने मुंबई के ताज होटल में वहां मौजूद लोगों को बंधक बना लिया था, जिनमें सात विदेशी नागरिक भी शामिल थे। इतना ही नहीं उन्होंने ताज होटल के हेरीटेज विंग में आग लगा दी गई थी। भारतीय सेना ने कई आतंकियों को मार गिराया था जबकि अजमल कसाब को जिंदा पकड़ लिया गया था। मुंबई हमले मामले की सुनवाई के बाद कसाब को 21 नवंबर 2012 को फांसी लगी दी गई जबकि हमले का मास्टरमाइंड हाफिज सईद पाकिस्तान में खुलेआम घुम रहा है।

ताज होटल के अलावा छत्रपति शिवाजी टर्मिनस स्टेशन, होटल ओबेरॉय, लियोपोल्ड कैफ़े, कामा अस्पताल और दक्षिण मुंबई के कई स्थानों पर हमले शुरु कर दिया था। आधी रात होते होते मुंबई के कई इलाकों में हमले हो रहे थे। एक साथ इतनी जगहों पर हमले ने सबको चौंका दिया था।  हर साल इस तारीख के आने पर मौत का वहीं मंजर सबके आंखों से सामने आ कर खड़ा हो जाता है। 

 

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