मणिपुर में चलीं गोलियां, आदिवासी संगठन ने अपने 3 विरोधियों को मौत के घाट उतारा

इंफाल। मणिपुर के तामेंगलांग जिले में रविवार को एक संदिग्ध कूकी आदिवासी संगठन ने अपने विरोधी समूह के तीन सदस्यों की हत्या कर दी। पुलिस ने बताया कि मरने वालों में एक महिला भी शामिल है। शनिवार आधी रात हुए इस हमले के बाद घटनास्थल पर असम राइफल्स के जवानों के पहुंचने के साथ ही हमलावर फरार हो गए। एक पूर्व विद्रोही नेता ने कहा कि हमलावरों ने शिविर को घेर कर गोली चलानी शुरू कर दी, जिसमें मांगलियन, निंगबोई और एक महिला हरिअन की मौत हो गई।

आदिवासी

लंबे समय से अपने विरोधियों की हत्याओं में शामिल रहे हैं

युनाइटेड ट्राइबल लिबरेशन आर्मी (रॉबर्ट गुट) के एक नेता रॉबर्ट सिंगसोन ने कहा, अगर असम राइफल्स के जवान हमें बचाने नहीं आते तो मृतकों की संख्या अधिक हो सकती थी। सरकार ने यूटीएलए (आर) को शांति प्रक्रिया शुरू करने के लिए तामेंगलांग जिले में शांति शिविर खोलने की अनुमति दी है। यह वही जगह है जहां हमला हुआ। दोनों प्रमुख कूकी समूह लंबे समय से अपने विरोधियों की हत्याओं में शामिल रहे हैं।

हमारे पास बंदूकें नहीं थीं, इसलिए यह हमला किया गया

सिंगसोन ने कहा, इस साल के शुरुआत में पुलिस ने हमारे उन हथियारों को ले लिया जो आत्मरक्षा के लिए थे। चूंकि हमारे पास बंदूकें नहीं थीं, इसलिए यह हमला किया गया। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अभी तक इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। मुख्यमंत्री व गृह विभाग के प्रभारी एन. बिरेन सिंह ने रविवार को पुलिस, सेना और अर्धसैनिक बलों के वरिष्ठ अफसरों के साथ स्थिति की समीक्षा की।

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