30 रुपये ने बर्बाद की कई जिंदगियां, एक की गई जान, दो को मिली उम्रकैद, जानिए क्या है पूरा मामला

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नैनीताल। क्या आप सोच सकते हैं सिर्फ 30 रुपये की वजह से एक शख्स की जान चली गई और दो लोगों को जिन्दगी भर जेल में सड़ने की सज़ा सुना दी गई। जी हां, और ये सब सिर्फ अपने गुस्से पर काबू न करने की वजह से हुआ है।

30 रुपये ने बर्बाद की कई जिंदगियां

30 रुपये ने बर्बाद की कई जिंदगियां, मिली उम्रकैद की सज़ा

दरअसल, ये मामला हल्द्वानी के लाइन नंबर 18, थाना बनभूलपुरा क्षेत्र का है जहां 3 फरवरी 2016 में एक ऐसी घटना घटी जिसने कई लोगों की जिंदगी बदल दी। पीड़ित फिरोज खान ने पुलिस को तहरीर देकर कहा कि वारदात के दिन करीब शाम छह बजे उसके पिता समीम दुकान में थे जब अभियुक्त पुत्तन की बेटी 50 रुपये का नोट लेकर सामान लेने आई, उसने 20 रुपये का सामान खरीदा और 30 रुपये लौटाने के बाद चली गई।

प्राइवेट पार्ट में लात मारने से हुई मौत

कुछ देर बाद पुत्तन व उसका बेटा मो. आदिल दुकान पर आए और 30 रुपये नहीं लौटाए जाने की बात कहते हुए गालीगलौज करने लगे। 30 रुपये लौटा दिए हैं कहने पर पुत्तन व आदिल ने लात घूसों बरसाने शुरू कर दिए। बीचबचाव करने पहुंचीं मां के साथ भी मारपीट की। आदिल द्वारा पिता के गुप्तांग में लात मारी तो वह बेहोश हो गए। जिसके बाद रात साढ़े दस बजे पिता ने दम तोड़ दिया। इस मामले में पुलिस ने पिता-पुत्र के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया। मामले में डीजीसी सुशील कुमार शर्मा ने अभियोजन साबित करने के लिए 12 गवाह पेश किए गए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह दिल का दौरा पड़ना बताया तो डीजीसी ने दलील दी कि गुप्तांग में लात मारने की वजह से ही दिल का दौरा पड़ा।

कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सज़ा

तमाम दलीलों के बाद कोर्ट ने इस मामले में बीते शनिवार को अदालत ने अपना फैसला सुनाया और 30 रुपये के लिए कत्ल करने के मामले में दोषी पिता-पुत्र को जिला एवं सत्र न्यायाधीश कुमकुम रानी की अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोनों पर 25-25 हजार जुर्माना भी लगाया है।

सिर्फ 30 रुपये ने कई जिंदगियां बर्बाद कर दी। उस वक्त अगर किसी भी एक पक्ष ने अपने गुस्से पर काबू किया होता और बात को आगे न बढ़ाया होता तो किसी को भी आज ये दिन न देखना पड़ता।

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