गोल्ड कोस्ट में जलवा बिखरने के बाद भारतीय मुक्केबाजों ने कसी कमर, कहा- ये तो बस शुरुआत है

नई दिल्ली। गोल्ड कोस्ट में कॉमनवेल्थ गेम्स में जलवा बिखरते हुए नौ पदकों के साथ भारतीय मुक्केबाजी टीम स्वदेश लौटी, जहा पर मंगलवार को उनका सम्मान किया गया।

TEAMसम्मान समारोह के दौरान भारतीय मुक्केबाजी महासंघ के अध्यक्ष अजय सिंह ने कहा कि पूरी मुक्केबाजी टीम उच्चस्तरीय ट्रेनिंग के लिए इस महीने के अंत में अमेरिका जाएगी। भारतीय दल ने आस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में 4 से 15 अप्रैल तक आयोजित 21वें राष्ट्रमंडल खेलों में तीन स्वर्ण सहित कुल नौ पदक हासिल किए और सफलता के अपने तमाम रिकार्ड तोड़ दिए। भारत के मुक्केबाजों ने विदेशी धरती पर हुए किसी आयोजन में इससे पहले इतने पदक नहीं जीते थे। भारत के आठ पुरुष मुक्केबाजों ने पदक तालिका में अपना नाम दर्ज कराया।

सम्मान समारोह के दौरान बीएफआई प्रमुख अजय सिंह ने खुलासा किया कि मुक्केबाजों को विश्वस्तरीय ट्रेनिंग दिलाने और उन्हें एशियाई खेलों के लिए पूरी तरह तैयार करने के लिए महासंघ ने उन्हें अमेरिका स्थित माइकल जानसन अकादमी भेजने का फैसला किया है, विश्व स्तरीय एथलेटिक विकास अकादमी है।

अजय सिंह ने कहा, हमें अपने मुक्केबाजों की सफलता पर गर्व और खुशी है लेकिन मैं आपको बताना चाहूंगा कि यह हमारे प्रयासों का अंत नहीं बल्कि एक शुरुआत है। हमारे मुक्केबाज इस महीने के अंत में अमेरिका जाएंगे, जहां वे 15 दिनों तक माइकल जानसन अकादमी में ट्रेनिंग लेंगे। इसे विश्व की सबसे उन्नत एथलेटिक विकास अकादमी के रूप में जाना जाता है। हम चाहते हैं कि हमारे मुक्केबाज शारीरिक और मानसिक तौर पर मजबूत हों और खुद को समय पर एशियाई खेलों के लिए तैयार रखें क्योंकि एशियाई खेलों में उन्हें इससे भी अधिक प्रतिस्पर्धा का सामना करना है।

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