अय्यर ने फिर की पाकिस्तान की तारीफ़, कहा- चाहता है भारत के साथ बेहतर संबंध

नई दिल्ली| बीते दिनों पाकिस्तान के प्रति अपना प्रेम दर्शाने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री मणिशंकर अय्यर ने एक बार फिर पाकिस्तान की तारीफ़ करने नजर आए। इस बार उन्होंने कहा कि जमात ए इस्लामी को छोड़कर पाकिस्तान के राजनीतिक दल भारत के साथ बेहतर संबंध चाहते हैं। उन्होंने कहा कि जुल्फिकार अली भुट्टो शासन के बाद से पड़ोसी देश की मानसिकता में बदलाव आया है।

मणिशंकर अय्यर

सैयदा हमीद की भुट्टो पर लिखी पुस्तक ‘बोर्न टू भी हैंग्ड’ पर सोमवार शाम को चर्चा में भाग लेने वाले मणिशंकर अय्यर ने भुट्टो को बदला लेनेवाला शख्स करार दिया। उन्होंने कहा कि भुट्टो का एक दोषपूर्ण व्यक्तित्व था और उनकी प्रतिबद्धता केवल निजी फायदे तक सीमित थी। भुट्टो को सेना ने सत्ता से बेदखल कर दिया था। उन्हें फांसी पर लटका दिया गया था।

मणिशंकर अय्यर ने पाकिस्तान के साथ बेहतर रिश्तों की ओर कदम उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जमात ए इस्लामी को छोड़कर पाकिस्तान के सभी दलों ने भारत के साथ रिश्ते बेहतर करने का संकल्प लिया है। भुट्टो के बाद पाकिस्तान की मानसिकता बदली है और वे हमारा दोस्त बनना चाहते हैं। हम (वर्तमान) पाकिस्तान के साथ दोस्ती करने के बजाए भुट्टो वाले पाकिस्तान से लड़ रहे हैं।

सैयदा हमीद ने कहा कि साहित्य की विद्यार्थी के रूप में वह हमेशा से ही जुल्फिकार अली भुट्टो को यूनानी त्रासदी के नायक जैसा मानती रही हैं। लारकाना के जुल्फिकार और थेबेस के ओडीपस की कहानियों में भरपूर समानता है। दोनों व्यक्ति जिंदगी में एक हीरो की तरह रहे लेकिन आत्म विश्वास, अभिमान और प्रबलता जैसे गुण होने के बावजूद वह शिकार हुए। जैसा कि शायद ग्रीक कहेंगे कि उन्हें ईश्वर से शाप मिला हुआ था।

आपको बता दें कि बीते दिनों मणिशंकर अय्यर ने पाकिस्तान के प्रति अपना प्रेम दर्शाया था। उन्होंने कहा था कि उन्हें पाकिस्तान में जितना प्यार मिलता है हिन्दुस्तान में उतनी ही नफरत का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में आकर उन्हें काफी प्रेम मिलता है. मणिशंकर अय्यर ने भारत और पाकिस्तान के बीच मुद्दों के समाधान के लिए निर्बाध बातचीत की पैरवी की है, अय्यर यहां कराची साहित्य महोत्सव में भाग लेने पहुंचे थे।

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