कैदी नंबर 130, कुछ ऐसे गुजरी उम्रकैद की सजा पाए रेप आरोपी आसाराम की पहली रात

नई दिल्ली। नाबालिग से रेप केस में उम्र कैद की सजा पाए आध्यात्मिक गुरु और कथावाचक आसाराम अब कैदी नंबर 130 के नाम से जाना जायेगा। ऐसे तो पूरी जिंदगी अय्याशियों में काटने वाला आसाराम सजा पाने के बाद काफी बेचैन रहा। रात को ठीक से सो नहीं पाया।

कथावाचक आसाराम

सजा पाने के बाद आसाराम ने पहली रात जोधपुर जेल के बैरक नंबर दो ही बिताई। सूत्र बताते हैं कि आसाराम खाना ठीक से नहीं खा पाया। आसाराम काफी देर रात तक जगा रहा और बीच-बीच में ताली बजाकर भजन भी गा रहा था

आपको बता दें कि नाबालिग से रेप के मामले में एफआईआर लिखने बाद से कथावाचक आसाराम पिछले पिछले चार साल आठ महीने से जोधपुर की सेंट्रल जेल में विचाराधीन क़ैदी के तौर पर बंद था। बुधवार को उसे दोषी मानते हुए अदालत ने उसे उम्रकैद की सजा सुनाई।

आसाराम के फैसले के मद्दे नजर बुधवार को देश के कई इलाकों में कर्फ्यू जैसे हालत थे। पूरे शहर में धारा 144 लागू कर दी गई है। साथ ही भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात किया गया है। आसाराम के समर्थकों से कानून-व्यवस्था को खतरे की आशंका को लेकर राजस्थान के जोधपुर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई थी और निषेधाज्ञा लागू कर दी गई थी।

हर बस और गाड़ी जो जोधपुर शहर में प्रवेश कर रही है उसकी तलाशी ली जा रही थी। दिल्ली पुलिस ने जोधपुर की एक अदालत द्वारा फैसला सुनाये जाने के मद्देनजर पुलिस को हाई अलर्ट पर किया गया था। एक दिल्ली की सीमाओं पर चौकसी बढ़ा दी गई थी

 अब ऐसे कटेंगे आसाराम के दिन और रात

विचारधीन कैदी होने कि वजह से आसाराम को पहले घर का खाना मिल जता था अब उसे सिर्फ जेल का ही खाना खाना पड़ेगा। अब तक अपने कपड़े पहन सकता था, अब जेल के कपड़े पहनने पड़ेंगे। अभी तक आसाराम को जेल के अंदर किसी तरह का काम भी नहीं करना पड़ता था लेकिन अब करना पड़ेगा।

 आसाराम पर नाबालिग से रेप का आरोप

आसाराम को उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर की एक किशोरी की शिकायत पर गिरफ्तार किया गया था। पीड़िता आसाराम के मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा आश्रम में अध्ययन करती थी। पीड़िता का आरोप है कि आसाराम ने जोधपुर के पास मनाई इलाके में अपने आश्रम में बुलाकर उससे 15 अगस्त, 2013 को दुष्कर्म किया था।

इसके बाद 21 अगस्त 2013 को जोधपुर के महिला थाने में विधिवत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू हुई। 31 अगस्त 2013 को काफी मशक्कत छिन्दवाड़ा आश्रम से आसाराम को गिरफ्तार किया गया। 2 सितम्बर 2013 से ही न्यायिक हिरासत में हैं। 13 फ़रवरी 2014 को कोर्ट में आरोप तय हुआ। 16 दिसम्बर 2016 से विशेष कोर्ट में केस शुरू हुआ। 7 अप्रैल 2018 को मामले में बहस पूरी हुई और कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया।

लगीं थी ये धाराएँ

आसाराम को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 376 और यौन अपराध बाल संरक्षण अधिनियम (पोस्को) और किशोर न्याय अधिनियम (जेजे) के तहत दोषी ठहराया गया। पुलिस द्वारा छह नवंबर 2013 को पोस्को अधिनियम , किशोर न्याय अधिनियम और आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत आसाराम और चार अन्य सह- आरोपियों शिल्पी, शरद, शिवा और प्रकाश के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया था।

 

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