कुशीनगर हादसा : डॉक्टरों की संवेदनहीनता, पोस्टमार्टम के बाद बिना सिलाई के ही छोड़ दिए बच्चों के शव

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में ट्रेन और स्कूली वैन की टक्कर में 13 मासूम बच्चों की जान चली गई। इस हादसे से पूरा देश दुखी है लेकिन यहां भी स्वास्थ्य महकमे की संवेदनहीनता देखने को मिली। भगवान का दर्जा पाए डाक्टरों ने मानवता को शर्मसार करते हुए बच्चों का पोस्टमार्टम करने के बाद शवों को बिना सिलाई किये ही छोड़ दिया।

कुशीनगर

इस घटना ने सबको हैरान कर दिया है। शरीर की सिलाई न होने की वजह से उनके शरीर के अंग बाहर आ गये। पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों ने पेट और सिर भी खुला छोड़ दिया। रिपोर्ट्स की माने तो जब शवों का जनाजा निकालने के लिए उन्हें नहलाने ले जाया गया तब भीतर के सारे अंग दिखाई पड़ रहे थे।

अपने बच्चों की ऐसी हालत देख कर घरवालों की हालत खराब हो गई। बाद में बिना नहलाये ही दोनों मासूमों के शवों को सुपर्द-ए-खाक किया गया। लेकिन पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों की संवदहीनता से हर कोई आक्रोश में  है।

इस घटना ने एक बार फिर मानवता को शर्मसार किया है। स्वास्थ्य विभाग की संवेदनहीनता ने आजकल के डॉक्टरों का दूसरा ही रूप पेश किया है। डॉक्टर सिर्फ आज अपने काम की खानापूर्ति करते हैं उनके लिए इन्सान की कीमत कुछ नहीं रही रह गई है।

आपको बता दें कि गत 26 अप्रैल को कुशीनगर के विशुनपुरा थाना क्षेत्र के बहपुरवा रेलवे क्रॉसिंग पर सिवान से गोरखपुर जाने वाली 55075 अप सवारी गाड़ी से बच्चों से भरी वैन से टक्कर हो गई। यह वैन डिवाइन पब्लिक स्कूल की थी और बच्चे उस वक्त स्कूल जा रहे थे। बताया जा रहा दुदही– रजवाबर समपार फाटकविहीन क्रासिंग पर जैसे ही बस चढ़ी थी तभी सिवान से गोरखपुर जाने वाली सवारी गाड़ी आ गई और टक्कर हो गई। उसके परखचे उड़ गए।

इस हादसे में 13 मासूम बच्चों की मौत हो गई और कई घायल हो गए थे। इस हादसे पर अपनी संवेदना व्यक्त करने पहुंचे सीएम योगी ने मामले की जांच के आदेश दे दिए और मुआवजे का ऐलान किया।

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