योगी का दलित प्रेम सब दिखावा है, सरकार ने सिर्फ शोषण ही किया है

लखनऊ। आजकल मुख्यमंत्री योगी और उनके मंत्री गांवों में चौपाल लगा रहे हैं और दलितों के घर खाना भी खा रहे हैं।  इसी बात को लेकर विपक्ष हमलावर है। कांग्रेस ने सीएम पर हमला बोलते हुए कहा है कि योगी का दलितों के प्रति प्रेम एक ढकोसला है और यह उस समय खुलकर सामने आ गया, जब वह जनपद अमरोहा में दलित प्रधान के घर भोजन करने पहुंचे तो पहले उनकी गायों को शैम्पू से नहलाया गया।

योगी

पार्टी ने कहा कि जो लोग भोजन करने पहुंचते हैं, उनके लिए मैन्यू पहले से तय होता है और जिस घर में पीने के लिए स्वच्छ पेयजल नहीं होता, वहां मिनरल वाटर के ढेर लगाए जाते हैं। घर के छप्पर में प्लास्टिक की नई शीटें लगाई जाती हैं। यह सब साबित करता है कि मुख्यमंत्री को दलितों से प्रेम नहीं, बल्कि लोकसभा चुनाव नजदीक होने के कारण सिर्फ दिखावा है।

प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता जीशान हैदर ने कहा, “योगी पिछले दो दशकों से अधिक समय से सार्वजनिक जीवन में हैं। कोई एक ऐसा उदाहरण नहीं बता सकते कि जहां वह एक भी दिन दलित के घर जाकर भोजन किए हों या रात्रि विश्राम किया हो। बल्कि मुख्यमंत्री बनने के बाद जनपद बस्ती के दलित बस्ती में जाने से पहले प्रशासन द्वारा दलितों के लिए साबुन और शैम्पू भिजवाकर उनका अपमान किया गया था।

प्रवक्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री अगर दलितों के वाकई हितैषी हैं या दलितों से प्रेम करते हैं तो उन्हें दिखावा छोड़कर ईमानदारी के साथ दलितों के हितों के लिए कार्य करना चाहिए।

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि सच्चाई तो यह है कि देश और प्रदेश में जबसे भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी है, लगातार दलितों के साथ हो रहे उत्पीड़न, हत्या, दुष्कर्म की घटनाओं में सर्वाधिक वृद्धि हुई है, दलितों की शिकायत पर एफआईआर तक दर्ज नहीं हो रहे हैं। देश व प्रदेश का दलित वर्ग आज भय के वातावरण में जीने के लिए मजबूर है और खुद को सबसे ज्यादा असुरक्षित महसूस कर रहा है।

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