एक ऐसा शहर जहां बिना ब्लाउज साड़ी पहनने को गातीमार स्टाइल कहा जाता

भारतीय संस्कृति विश्व की सबसे पुरानी संस्कृति है. भारत कई सारी परम्पराओं और संस्कृतियों का देश है. हमारे देश अनेक प्रकार की भाषाओँ और रीति-रिवाजों का का संगम हैं यहाँ पर कई तरह कई प्रथाएं भी हैं . चलिए आज हम आपको भारत के एक ऐसे गांव की परम्परा के बारे में बताएंगे जहां औरतें साड़ी के साथ ब्लाउज नहीं पहनती. इस गाँव की परम्परा के अनुसार इन्हें ब्लाउज पहने की अनुमति नहीं है.

संस्कृति

छतीसगढ़ के आदिवासी लोग जो काम करते हैं वह साड़ी के साथ ब्लाउज नहीं पहनती. वह न तो खुद ब्लाउज पहनती हैं और न ही दूसरों को पहनने देती हैं. जिन जगहों पर ये लोग रहते हैं वे लोग शुरू से अपनी इस परम्परा को निभाते चले आ रहे हैं.

आपको बता दें इस क्षेत्र के आदिवासी लगभग 1000 वेर्शों से अपनी इस परम्परा को निभा रहे हैं. यह की आदिवासी महिलाओं का मानना है की इ९स तरह काम करने में हमे ज्यादा सुविधा होती है. लेकिन आजकल फैशन ने इनके भी शहर में दस्तक दे दी है.

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अब यहाँ की भी लड़कियां साड़ी के साथ ब्लाउज पहनने लगी हैं. लेकिन अभी भी वहां के बूढ़े लोग इस परम्परा को बचने में लगे हुए हैं.

कुछ मॉडलों ने बिना ब्लाउज के साड़ी पहन कर फोटो पोस्ट कर इस प्रथा का समर्थन करती हुई भी नजर आई. जिसके चलते लोग इस प्रथा की तारीफ कर रहे हैं.

 

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