4 फिल्में जो साबित करती हैं कि अपारशक्ति खुराना हैं बॉलीवुड के बेस्ट फ्रेंड

मुंबई: अपारशक्ति खुराना आज देश के सबसे बैंकेबल अभिनेताओं में से एक हैं। अपनी कला पर उनकी पकड़ ऐसी है कि वह एक शानदार प्रदर्शन का खाका तैयार कर सकते है। अभिनेता ने 2016 में नितेश तिवारी की स्पोर्ट्स बायोपिक दंगल से अपनी शुरुआत की और अपनी पहली ही फिल्म से दर्शकों का दिल जीत लिया।

इन वर्षों में, उन्होंने अपनी कला और किरदारों को जीवंत करने की अपनी क्षमता के साथ इंडस्ट्री में अपनी स्थिति को मजबूत किया है। ऐसी कई फिल्में हैं जहां उनकी उपस्थिति ने फ्रेम में एक अलग ऊर्जा दी है जिससे कहानी को एक नए स्तर पर ले जाया गया है। आइए एक नजर डालते हैं ऐसी 4 फिल्मों पर जो साबित करती हैं कि अपारशक्ति बॉलीवुड के सबसे अच्छे दोस्त हैं और कहानियों का अभिन्न हिस्सा हैं।

दंगल

अपारशक्ति की पहली फिल्म में उन्होंने ओंकार का किरदार निभाया था; फिल्म के केंद्रीय पात्रों के चचेरे भाई; गीता और बबीता। उनकी ऊर्जा ने फ़िल्म में एक कॉमिक रिलीफ दिया फ़िल्म में उनकी कड़ी मेहनत नजर आयी। उनका किरदार गीता और बबीता के साथ खड़ा था और उनकी यात्रा को आकार देने में महत्वपूर्ण कारकों में से एक था।

स्त्री

अभिनेता ने हॉरर-कॉमेडी स्त्री में स्विच-ब्लेड की तरह अपनी कॉमेडी साइड ओपन की। उन्होंने फिल्म में राजकुमार राव के किरदार के लिए सबसे अच्छे दोस्त की भूमिका निभाई और कहने की जरूरत नहीं है कि उन्होंने अपनी बुद्धि और पूरी तरह से टाइमिंग साधते संवादों से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।

लुका चुप्पी

उनकी 2019 की रिलीज़ लुका चुप्पी जिसमें उन्होंने कार्तिक आर्यन, कृति सेनन और पंकज त्रिपाठी के साथ अभिनय किया, यह उनके पूरी तरह से शानदार प्रदर्शन का एक और उदाहरण है। अपारशक्ति को एक फिल्म के टोन की एक त्रुटिहीन समझ है, वह उन फिल्मों के टोन के अनुसार प्रदर्शन को बेहतर करते है जिसका वह हिस्सा है। यही कारण है कि उनका प्रदर्शन प्रामाणिक लगता है। लुका चुप्पी में भी उन्होंने अपनी उत्कृष्टता का परिचय दिया क्योंकि वह हमेशा एक सच्चे दोस्त की तरह कार्तिक के किरदार के लिए मौजूद थे।

पति पत्नी और वो

और अंत में, हमारे पास पति पत्नी और वो है जहां अभिनेता ने शानदार प्रदर्शन देने के लिए कार्तिक के साथ अपनी ऑफ-स्क्रीन दोस्त की केमिस्ट्री का लाभ उठाया। रीमेक हमेशा मुश्किल होते हैं, लेकिन अपारशक्ति ने फ़िल्म में खूब रंग जमाया था।

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