असम में बाढ़ से 44 लोगों की मौत, जनजीवन अस्त-व्यस्त

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गुवाहाटी| देश के कई हिस्सों में लगातार बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। ऐसी ही कुछ हालत असम की भी है जहां बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है और इसकी जद में 24 जिलों के 17 लाख लोग आ गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि अब तक बाढ़ में 44 लोगों की मौत हो चुकी है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के अधिकारियों ने बताया कि अंतिम 24 घंटों में अलग-अलग हादसों में पांच लोगों की मौत हुई है।

असम में बाढ़

बाढ़ की वजह से 1,760 हेक्टेयर की फसल बर्बाद हो गई है 

एएसडीएमए ने बताया कि बुधवार तक 17,18,135 लोग बाढ़ की जद में आ गए हैं। असम में 31,000 लोगों के लिए 294 राहत शिविर लगाए गए हैं। राहत दलें राहत एवं बचाव कार्य में लगी हुई हैं तथा अब तक 2,000 से अधिक लोगों को बचाया गया है।

असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने बुधवार को बाढ़ग्रस्त माजुली जिले का दौरा किया और राहत शिविरों का जायजा लिया। इसका असर फसलों पर भी पड़ा है, भीषण बाढ़ के चलते 1,760 हेक्टेयर की फसल बर्बाद हो गई है और सैकड़ों लोग बेघर हो गए हैं।

सोनोवाल ने काजीरंगा अभयारण्य का भी दौरा किया और अधिकारियों को पशुओं पर नजर रखने का निर्देश दिया, ताकि वे शिकारियों का निशाना न बनें। उन्होंने कहा कि नगांव, गोलाघाट, कार्बी आंगलोंग, सोनितपुर और बिस्वनाथ जिलों का प्रशासन बाढ़ के हालात के बारे में रोज वन मंत्री को रिपोर्ट करेगा और पशुओं की सुरक्षा के उपाय करेगा।

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