बिहार का खेल अब यूपी में भी खेलेंगे ओवैसी, जानिए कौन सी पार्टी को बना रहें हैं निशाना

बिहार में हुए चुनाव के बाद अब ओवैसी उत्तर प्रदेश के चुनाव में भी अपना प्रयोग दोहराने का इरादा बना चुके है।

लखनऊ: बिहार (Bihar) में हुए चुनाव (Election) के बाद अब ओवैसी उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के चुनाव में भी अपना प्रयोग दोहराने का इरादा बना चुके है। हालांकि AIMIM पार्टी विपक्षी दलों की नजर में वोटकटवा पार्टी होने के बावजूद भी ज्यादा से ज्यादा विधान सभा (Assembly) की सीटें निकालने का लक्ष्य बना रही है।

अगले साल विधान सभा की चुनाव होने को है और ओवैसी की पार्टी ने पहले ही अपने उम्मीदवारों का नाम घोषित कर दिया है। यूपी के चुनाव में ओवैसी की नजरे समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के उपर टिकी हुई है।

13 जनवरी को AIMIM पार्टी के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) भारत के सबसे अबादी वाले राज्य यूपी में गए और उन्होंने वहा स्पष्ट भी कर दिया कि इस चुनाव में उनकी लड़ाई समाजवादी पार्टी से ही है।

उनकी नराज़गी है कि सपा सरकार के शासन काल में उनको 12 बार यूपी में आने से रोका गया है और 28 अवसरों पर उनके आवगमन की इजाज़त को खारिज़ कर दी गई।

दो गंभीर आरोप

उन्होंने कहा कि मुझे विपक्षी पार्टियों से दो गंभीर आरोपों का सामना करना पड़ता है। एक ‘वोटकटवा पार्टी’ और दुसरा आरोप है ‘भाजपा का एजेंट’ होने का।

ओवैसी ने इन दोनों आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि AIMIM के वोटकटवा पार्टी होने पर उन्होंने कहा कि उनके विरोधी चाहते थे कि लोग उन्हें गुलामों की तरह वोट देते रहें और अन्य राजनीतिक दलों को चुनाव नहीं लड़ना चाहिए। जब एआईएमआईएम(AIMIM) कोई चुनाव लड़ती है, तो उनका मकसद इसे जीतना होता है, न कि किसी और की जीत या हार सुनिश्चित करना।

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