किसानों के पक्ष में विपक्षी दलों के 5 नेताओं ने राष्‍ट्रपति से की मुलाकात

इसी बीच बुधवार को पांच विपक्षी नेताओं ने राष्ट्रपति से मुलाकात की। राहुल गांधी, शरद पवार समेत पांच विपक्षी नेताओं ने राष्ट्रपति से मुलाकात के दौरान तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने का अनुरोध करते हुए ज्ञापन सौंपा।

नई दिल्ली: केंद्र सरकार द्वारा लाए गए कृषि कानून से किसान इस तरह खफा हो चुके है कि आंदोलन की भड़की आग शांत होने का नाम ले रहा है। किसानों का आंदोलन लगातार जारी है और इसी को लेकर विपक्ष नेताओं को मोदी सरकार को घेरने का मौका मिल गया है। इसी बीच बुधवार को पांच विपक्षी नेताओं ने राष्ट्रपति से मुलाकात की। राहुल गांधी, शरद पवार समेत पांच विपक्षी नेताओं ने राष्ट्रपति से मुलाकात के दौरान तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने का अनुरोध करते हुए ज्ञापन सौंपा।

राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद से विपक्षी दलों के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार, माकपा के महासचिव सीताराम येचुरी, भाकपा के महासचिव डी राजा, और डीएमके नेता टीकेएस इलंगोवान ने मुलाकात की। मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने मीडिया में कहा, ‘हमने राष्ट्रपति से तीन कृषि कानूनों को अपने विचारों से अवगत कराया और इसे निरस्त करने का अनुरोध किया।

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उन्होंने बताया कि, हमने उनसे कहा इस कानून को वापस लेना बेहद जरुरी है। जिस तरह से संसद में इस 3 कानूनों को पारित किया गया है इससे किसानों का अपमान हुआ है। किसान अपने हिट के लिए केंद्र सरकार से अपना फैसला बदलवाने के लिए कड़ाके की ठंड के मौसम में भी प्रदर्शन कर रहे हैं।

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शरद पवार ने कहा

एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने कहा कि कई राजनीती दलों ने इस कृषि कानून को निरस्त करने के लिए राष्ट्रपति से अुनरोध किया है। कृषि कानून को संसद में पारित करने से पहले न तो चर्चा की गई न ही अन्य पक्ष्कारो से विचार विमर्श किया गया। सितंबर में बनाए गए तीन नए कृषि कानूनों को सरकार ने कृषि क्षेत्र में बड़े सुधार के तौर पर पेश किया है।

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