जुर्माना न चुका पाने के चलते जेलों में बंद 50 कैदी हुए रिहा

bail_1450258821लखनऊ। सिखों के 9वें गुरू श्री तेगबहादुर जी के शहीदी दिवस पर प्रदेश के विभिन्न कारागारों से लगभग 50 कैदी रिहा किये गये।

यह जानकारी प्रदेश के कारागार मंत्री श्री बलवंत सिंह रामूवालिया ने अपने आवास पर आयोजित प्रेस कान्फ्रेन्स में दी। उन्होने गुरू तेगबहादुर को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि लखनऊ के सिख, पंजाबी समाज के प्रतिष्ठित व्यक्तियों सुरेश तेजवानी, राकेश छाबरा (पम्मी), सतपाल बन्ना, पवन मनोचा द्वारा बेसहारा मुक्ति संस्था के जरिये प्रदेश के विभिन्न कारागारों में बन्द कैदियों की रिहाई के लिए आवश्यक अर्थदण्ड  दो लाख 40 हजार रुपये प्रदान किया जायेगा।

श्री रामूवालिया ने प्रेस प्रतिनिधियो को सम्बोधित करते हुए कहा कि रिहा किए गये लगभग 50 बन्दियों को अदालतों की तरफ से दी गई ताउम्र सजा को पूर्ण करने के बावजूद इनकी रिहाई इसलिए नहीं हो रही थी, क्योंकि ये बंदी जुर्मोने की धनराशि चुका पाने में असमर्थ थे। परिणामस्वरूप आज लगभग 50 महिला और पुरुष बन्दी रिहा हुए।

श्री रामूवालिया ने बताया कि इन बन्दियों के रिहा करने का सिलसिला लगातार जारी रहेगा और आश्वस्त किया कि इन बन्दियों को रिहा कराने के दृष्टिगत 2016 तक 50 लाख की धनराशि भी जुर्माने के तौर पर  सरकार व्यय करने को तैयार है। उन्होने दानियों, धार्मिक स्थानों और समाजसेवी संस्थाओं से अपील की है कि व आर्थिक रूप से पिछड़े और बेसहारा लोगों की मदद के लिए आगे आयें।

श्री रामूवालिया के सरकारी आवास पर महिला और पुरूष मिलाकर आज रिहा किए गये कुल 12 बंदी आये थे।  उन्होने रिहा किए गये बंदियों से अपने-अपने धार्मिक स्थानों, मानव दर्द बांटने वाले संस्थानों से जुड़ कर अपना जीवन आचरण सुधारने की अपील की।

Related Articles

Leave a Reply

Back to top button