50 हजार का इनामी शशिकांत गिरफ्तार, विकास दुबे के घर से इंसास व एके-47 राइफल बरामद

उत्तर प्रदेश को दहला देने वाले कानपुर के चौबेपुर के बिकरू गांव कांड में पुलिस की कार्रवाई गति पकड़ चुकी है। विकास दुबे के गैंग ने दो व तीन जुलाई की रात में सीओ सहित आठ पुलिसकर्मियों की हत्या की। इसके बाद पुलिस तत्काल एकशन में आ गई। इस केस में नामजद 21 में से 12 के खिलाफ कार्रवाई हो गई है।

बिकरू कांड में फरार अपराधी 50 हजार के इनामी शशिकांत उर्फ सोनू पांडेय को पुलिस ने गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर वारदात में लूटी गई इंसास व एके 47 रायफल और कारतूस बरामद किए गए। शशिकांत के पिता प्रेमकुमार पांडेय को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया था। एडीजी कानून व्यवस्था प्रशान्त कुमार का कहना है कि लूटी गई रायफलें शशिकांत ने ही विकास के घर और अपने घर मे छिपाई थीं।

कानपुर के बिकरू गांव के केस की एसआइटी के साथ न्यायिक जांच भी हो रही है। प्रदेश के एडीजी कानून एवं व्यवस्था प्रशांत कुमार मंगलवार को कानपुर में थे। उन्होंने मीडिया से वार्ता में कहा कि दो-तीन जुलाई की रात कानपुर के चौबेपुर थाना क्षेत्र के बिकरू गांव में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या करने के बाद काफी आरोपियों ने पुलिसकर्मियों के असलहे भी लूट थे।इस मामले मे 21 लोग नामजद हैं। इनमें मुख्य आरोपित विकास दुबे के साथ पांच अन्य मुठभेड़ में ढेर हो गए हैं, जबकि छह पुलिस की गिरफ्त में हैं। इस मामले में 21 अभियुक्त नामजद थे। जिनमें दयाशंकर अग्निहोत्री व शशिकांत दुबे समेत छह अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। इसमें मुख्य आरोपी विकास दुबे समेत छह अभियुक्त एनकाउंटर में मारे जा चुके हैं।

एडीजी एलओ प्रशांत कुमार ने कहा कि बिकरू में पुलिस वालों की हत्या के मामले में चौबेपुर के पूर्व थाना प्रभारी विनय तिवारी तथा बीट इंचार्ज दारोगा केके शर्मा को इस केस में शामिल होने के मामले में मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा गया है।

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