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कंपनी के टॉक्सिक वर्किंग एनवायरनमेंट के खिलाफ 500 Employees ने पिचाई को लिखा ओपन लेटर

न्यू यॉर्क : हाल ही में गूगल के 500 से ज़्यादा Employees ने अल्फाबेट और गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई को एक ओपन लेटर लिख है, जिसमें उन्होंने मांग की है कि कंपनी उत्पीड़कों की रक्षा करना बंद करे और वर्कर्स को सेफ वर्किंग एनवायरनमेंट प्रोवाइड कराए।

9 अप्रैल को मीडियम में छपे इस लेटर में बताया गया है की जब कोई एम्प्लॉय कम्पनी मैनेजमेन्ट से उस के साथ हुए हरस्मेंट की शिकायत करता है तो उत्पीड़क पर एक्शन लेने के बजाए कंपनी विक्टिम को नौकरी छोड़ने के लिए मजबूर करने लगती है। इस लेटर में कहा गया है की अब तक 20000 से ज़्यादा लोगों के प्रोटेस्ट के बावजूद अल्फाबेट ने अपनी इस पॉलिसी को नहीं बदला है। और इसी वजह से कंपनी का वर्किंग एनवायरनमेंट बेहद टॉक्सिक हो गया है।

कई Employees कर चुके हैं शिकायत

असल में मसला यह है की हाल ही में  एक्स गूगल इंजीनियर एमी नीटफेल्ड ने न्यू यॉर्क टाइम के लिए लिखे अपने एक ओपिनियन में  गूगल पर आरोप लगते हुए कहा था की कंपनी ने मुझे मेरे कथित उत्पीड़नकर्ता के साथ एक मीटिंग में भाग लेने के लिए मजबूर किया था। नीटफेल्ड ने आगे लिखा: “मेरा उत्पीड़न करने वाला मैनेजमेंट से शिकायत करने के बाद भी मेरे बगल में बैठतारहा । मैनेजर से शिकायटी करने पर  मेरे मैनेजर ने मुझे से कहा कि अगर तुम HR से भी शिकायत करदो तो वह भी उसकी डेस्क नहीं बदलेंगे । उन्होंने मुझसे कहा की अब तुम या तो घर से अकेले काम करो या नौकरी छोड़ दो।

इसी मसले पर सफाई देते हुए हुए गूगल के एक  रिप्रेजेन्टेटिव ने द वर्ज को बताया की अब कपंनी ने शकायतों को हैंडल करने के प्रोसेस में काफी सुधर किये हैं क्यूंकि हम अपने एम्प्लॉयेज़ की फ़िक्र करते हैं। इसी के साथ साथ उन्होंने बताया की अब हम समय समय पर एम्प्लॉय केयर प्रोग्राम भी ऑर्गनाइज़ करते रहते हैं ताकि भवष्य में एम्प्लॉयेज़ को इस तरह की कोई परेशानी न हो।

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