जेल में नहीं है जगह इसलिए 5000 हजार कैदी होंगे रिहा

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मुंबई। बढ़ते अपराध के चलते हर रोज जेलों में इतने नए अपराधियों की भर्ती हो रही है कि जेलों में जगह की कमी हो गई है। ऐसे में महाराष्ट्र सरकार ने 5000 हजार कैदियों को रिहा करने का फैसला लिया है। सरकार उन कैदियों को रिहा करेगी जिन्होंने छोटे और मामूली अपराध किए हैं।

5000 कैदियों को रिहा करेगी सरकार

राज्य सरकार ने पुलिस को आदेश दिया है कि जिन अपराधियों पर गंभीर आरोप नहीं लगे हैं उन्हें रिहा कर दिया जाए। जिससे जेल में नए कैदियों के लिए जगह बन सके। महाराष्ट्र की जेलों में करीब 700 ऐसे विचाराधीन कैदी भी बंद हैं जिनकी जमानत तो हो चुकी है लेकिन वे इतने गरीब हैं कि जमानत की राशि जमा नहीं कर पाए हैं। राज्य सरकार ने पुलिस से ऐसे कैदियों की भी रिहाई की व्यवस्था करने को कहा है।

राज्य के जेलों से विचाराधीन कैदियों की रिहाई का फैसला अडिशनल चीफ सेक्रटरी (होम) एस. के. श्रीवास्तव द्वारा गुरुवार को बुलाई गई बैठक में लिया गया। बैठक में प्रिंसिपल सेक्रटरी (जेल) श्रीकांत सिंह, एडीजीपी (जेल) बी. के. उपाध्याय, एडीजीपी प्रभात कुमार और एसीपी ए. जयकुमार शामिल हुए थे।

महाराष्ट्र की जेलों में फिलहाल करीब 29 हजार कैदी हैं, जिनमें से करीब 5 हजार सजायाफ्ता हैं। 24 हजार विचाराधीन कैदियों में 5 हजार से ज्यादा ऐसे कैदी हैं जिन पर गंभीर अपराध के आरोप नहीं हैं और उन्हें तुरंत छोड़ा जा सकता है।

बता दें, भायकुला महिला जेल में पिछले महीने कैदियों ने जमकर उपद्रव किया था। जिसमें 6 जेल के कर्मचारी घायल हो गए थे और एत कैदी की मौत हो गई थी। भायकुला जेल में जरूरत से ज्यादा कैदी हैं जिस वजह से उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लंबे वक्त से वो इस बात की शिकायत कर रहे थे लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया।

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