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लॉकडाउन के दौरान पकड़े गए 51 तबलीगी जमात के मेहमानों ने कबूला जुर्म

लखनऊ: कोरोना (COVID-19) महामारी के कारण लगे लॉकडाउन के दौरान उत्तर प्रदेश में राजधानी लखनऊ सहित कई जिलों में पकड़े गए 51 तबलीगी जमात (Tabligi Jamaat) के विदेशी मेहमानों ने कोरोना फ़ैलाने का जुर्म कबूल कर लिया है। इन सभी आरोपियों को लखनऊ की सीजेएम कोर्ट ने बिताई गई अवधि और 15-15 सौ रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जेल में बंद 51 विदेशी तबलीगी जमात, थाईलैंड, किर्गिस्तान, कजाकिस्तान और बांग्लादेश के रहने वाले है। इन सभी पर लॉकडाउन के दौरान गाइडलाइंस को तोड़ने व आरोप लगा था। ये सभी यूपी की मस्जिदों में घूम-घूम कर तबलीगी जमात (Tabligi Jamaat) में शामिल हुए थे। ज्यादातर लखनऊ, सीतापुर, भदोही और बहराइच में आरोपियों के खिलाफ मामले दर्ज है।

पिछले साल भी 35 लोग को किया था बड़ी

उधर, दिल्ली की एक कोर्ट ने 35 तब्लीगी जमात के सदस्यों को निजामुद्दीन मरकज मामले में बरी कर दिया था और अब इन सभी का पासपोर्ट जारी करने का आदेश दिया है। आपको बता दें, कोरोना महामारी में नियम तोड़ने वाले 35 तब्लीगी जमात के सदस्यों साकेत कोर्ट ने पिछले साल दिसंबर में बरी कर दिया था। यह कोई पहला मामला नहीं है, इससे पहले भी सैंकड़ों जमाती जुर्माना भर कर या बरी होने के बाद अपने देशों को वापिस हो चुके हैं। मार्च में कोरोना संक्रमण के अधिक मामले बढ़ने के दौरान जमातियों पर चॉर्टड प्लेन से भारत छोड़ने के आरोप लगे थे।

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इनपर लगे थे आरोप

लॉकडाउन के दौरान 67 देशों से विदेशी जमाती तबलीग निजामुद्दीन मरकज़ में शामिल होने आए थे। दिल्ली पुलिस ने इन सभी को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। इनपर कोविड महामारी के दौरान भी भारत में रुकने का आरोप लगा था। दिल्ली पुलिस ने इन विदेशी जमातियों के पासपोर्ट और यात्रा दस्तावेज जब्त कर लिए थे। पुलिस के मुताबिक, ज्यादातर जमाती टूरिस्ट वीजा पर भारत आए थे और ये यहां मजहबी गतिविधियों में लिप्त रहे जो वीजा नियमों का उल्लंघन है।

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