60 घंटे में और ज्यादा उलझी शेखर हत्याकांड की गुत्थी

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उलझ गई है नारायण दत्त तिवारी के बेटे रोहित शेखर की मौत की गुत्थी. 60 घंटे गुजरने के बाद भी पुलिस के हाथ कोई सुराग नहीं लग पाया है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद पुलिस का शक रोहित शेखर के अपने लोगों पर ही गहरा गया है. क्राइम ब्रांच ने शनिवार को रोहित की पत्नी, भाई और नौकरों से पूछताछ की. कल ही रोहित की अस्थियां विसर्जित की गईं. हरिद्वार के सती घाट पर उन्हें अंतिम विदाई दी गई लेकिन सवाल अब भी यही बने हैं कि आखिर रोहित की हत्या किसने की.

जिस गाड़ी में अपूर्वा रोहित को लेकर हॉस्पिटल जाने वाली थी, उस गाड़ी की जांच के लिए फोरेंसिक एक्सपर्ट की टीम डिफेन्स कालोनी के घर पहुंची. अपूर्वा रोहित को कार से लेकर जा पाती, इससे पहले ही मैक्स हॉस्पिटल से एंबुलेंस आ गई. इसके बाद रोहित को कार से निकालकर एंबुलेंस में डाला गया. इस कार में रोहित को बस एक बार लिटाया गया था.

सवाल ये है कि आखिर रोहित को किसने मारा. तीन दिन पहले रोहित की लाश उनके बिस्तर पर मिली. घर में पत्नी भी थी, मां भी साथ रहती थीं इसलिए शक के घेरे में सब हैं. सूत्रों के मुताबिक पुलिस रोहित के भाई सिद्धार्थ के साथ पूछताछ कर रही है. पुलिस पत्नी अपूर्वा के फोन कॉल से लेकर उसके वैवाहिक रिश्ते और रोहित के मां उज्ज्वला से संबंध को लेकर भी डिटेल खंगाल रही है. घर के नौकरों के बॉयोडाटा की पड़ताल हो रही है. रोहित की पोस्टमार्टम रिपोर्ट मौत को संदिग्ध बता रही है. शक हत्या का है और दिल्ली पुलिस अब इसी एंगल से मामले की जांच कर रही है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, रोहित की मौत कुदरती नहीं है. वो न तो नशे की ओवरडोज का शिकार थे और न ही उनके खून में कुछ संदिग्ध पदार्थ मिला. रिपोर्ट के मुताबिक शेखर की मौत दम घुटने हुई. संभव है तकिए से सांस रोक कर उसकी जान ली गई.

सीसीटीवी कैमरे खराब क्यों?

रोहित के घर में 7 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, जिनमें से 2 खराब हैं. सवाल ये भी है कि क्या ये कैमरे इत्तेफाक से खराब हैं या फिर किसी ने जानबूझ कर खराब किए? रोहित शेखर तिवारी की मौत दिल्ली के डिफेंस कॉलोनी इलाके में हुई. यहीं उनका फ्लैट था. रोहित अपने घरवालों के साथ इसी फ्लैट में रहते थे. दिल्ली पुलिस के मुताबिक, सबसे पहले घर में नौकरों ने रोहित की नाक से खून निकलता देखा. नौकरों ने इस बात की खबर उनकी मां उज्ज्वला को फोन पर दी. उज्ज्वला उस वक्त अस्पताल में अपना चेकअप करवा रही थीं. खबर मिलने पर उज्ज्वला रोहित को लेकर अस्पताल पहुंचीं लेकिन डॉक्टरों के मुताबिक, उनकी मौत अस्पताल पहुंचने से पहले ही हो गई थी.

रोहित शेखर की मां ने कहा है कि शेखर के अपनी पत्नी के साथ संबंध मधुर नहीं थे और वह अपने राजनीतिक करियर के आगे नहीं बढ़ने को लेकर परेशान थे. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि शेखर हाल ही में उस जगह पर गए थे जहां उनके पिता और पूर्व केंद्रीय मंत्री एनडी तिवारी का अंतिम संस्कार किया गया था. दिल्ली पुलिस ने शेखर की मौत के मामले में गुरुवार को हत्या का एक मामला दर्ज किया था. पुलिस ने मामला शेखर की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के कुछ घंटे बाद दर्ज किया था जिसमें कहा गया था कि उनकी मौत गला घोटे जाने के चलते सांस रुकने की वजह से हुई थी. मामले को जांच के लिए अपराध शाखा (क्राइम ब्रांच) को भेज दिया गया है.

पत्नी से अच्छे नहीं थे रोहित के रिश्ते

शेखर की मां उज्ज्वला ने न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा से कहा, ‘यह बेहद चौंकाने वाला है कि मेरे बेटे की हत्या हुई थी. मैं क्या कहूं? रोहित को क्यों नहीं जगाया गया जब वह (मंगलवार को) शाम चार बजे तक सोया रहा?’ उन्होंने कहा कि रोहित शेखर और उनकी पत्नी के बीच संबंध बेहतर नहीं थे और ‘शादी के पहले दिन से दोनों के बीच अनबन रहती थी.’ शेखर और उनकी मां 11 अप्रैल को अपना वोट डालने के लिए हलद्वानी गए थे. उन्हें 12 अप्रैल को दिल्ली आना था लेकिन उन्होंने तब अपनी योजना बदल दी जब रोहित ने कहा कि वह ‘अपने लोगों से मिलना चाहते हैं.’

उज्ज्वला ने याद किया, ‘शेखर ने कहा कि वह अपने लोगों से मिलना चाहता है और उस स्थान चित्रशिला घाट (रानीबाग) पर जाना चाहता है जहां उनके पिता का अंतिम संस्कार किया गया था. घाट जाने के बाद वह नीम करोली बाबा के आशीर्वाद के लिए गया था.’ 15 अप्रैल को मां-बेटे दिल्ली लौट आए. शेखर डिफेंस कालोनी वाले अपने घर गए जबकि उज्ज्वला तिलक लेन गईं और बाद में लौटीं. उन्होंने कहा, ‘जब मैं वापस आई तो अपूर्वा (शेखर की पत्नी) से उसके बारे में पूछा, उसने मुझे बताया कि वह थके हुए हैं, इसलिए रात का खाना खाया और सोने चले गए. इस बीच शेखर नीचे आए और कहा कि वह थक गए हैं.’ शेखर की मां ने कहा, ‘मीडिया की कुछ खबरों में कहा गया कि उसने शराब पी थी लेकिन उसे देखकर ऐसा नहीं लगा कि वह नशे में है.’

कुछ तनाव में थे रोहित

उज्ज्वला ने कहा कि वह उस दिन रात साढ़े 11 बजे तिलक लेन के लिए निकलीं और अगले दिन दोपहर दो बजे वापस लौंटी लेकिन अपने बेटे से नहीं मिल सकीं. उन्होंने कहा, ‘मेरा बेटा कुछ तनाव में था लेकिन मैं उसके बारे में बात नहीं करना चाहती. जब मैं घर पहुंची तो अपूर्वा ने उसे किसी की कार में लिटाया था. जब मैंने उसकी हालत देखी तो मुझे उसके बचने की कम ही उम्मीद थी.’ उन्होंने कहा, ‘मैंने अपूर्वा पर भरोसा किया और उससे सवाल नहीं किया कि शेखर इतनी देर तक क्यों सोया हुआ था.’

रोहित ने पिछले ही साल अपूर्वा से शादी की थी. साल 2017 में उत्तराखंड में हुए विधानसभा चुनाव से ठीक पहले रोहित ने बीजेपी की सदस्यता भी ली थी लेकिन राजनीति में वे ज्यादा सक्रिय नहीं थे. रोहित की मौत कैसे हुई, मौत की वजह क्या है, फिलहाल इसका पता नहीं चल पाया है. पुलिस का कहना है कि जांच के बाद इनके जवाब मिल जाएंगे लेकिन फिलहाल तो सिर्फ सवाल ही सवाल हैं.

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