600 कंपनियों ने किया जी-20 का आह्वान, कहा बंद हो कोयला बिजली का वित्तपोषण

नई दिल्ली: जी-20 देशों में काम कर रही कंपनियों ने सरकारों से वैश्विक तापमान में वृद्धि को डेढ़ डिग्री सेल्सियस के अंदर रखने के लक्ष्य की प्राप्ति पर सार्वजनिक धन खर्च करने का आग्रह किया है।

दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों समेत सैकड़ों कारोबारी नेतृत्वकर्ताओं ने जी20 और सीओपी26 की बेहद महत्वपूर्ण बैठकों में अपने-अपने राष्ट्रीय जलवायु लक्ष्यों को और मजबूत करने के लिए सामूहिक रूप से सहमति देने की अपील की है।

संयुक्त राष्ट्र द्वारा ने हाल ही में ‘कोड रेड फॉर ह्यूमैनिटी’ चेतावनी जारी की है। इसके बाद ढाई ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा का कारोबार करने वाले और दुनिया भर में 85 लाख से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने वाले उद्योग समूहों ने जी 20 देशों के नेताओं को एक खुला पत्र लिखा है।

इस पत्र पर दस्तखत करने वालों में यूनीलीवर, नेटफ्लिक्स, वोल्वो कार्स, इबरदरोला और नेचुरा एण्ड को तथा बिजली और परिवहन से लेकर फैशन तथा विनिर्माण क्षेत्रों से जुड़ी अनेक बड़ी कंपनियां शामिल हैं।

यह कारोबारी समूह विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं से आग्रह कर रहा है कि वह विकासशील देशों को जलवायु संबंधी वित्तपोषण के तौर पर 100 बिलियन डॉलर देने के मौजूदा संकल्प को अमलीजामा पहनाए ताकि वर्ष 2025 तक जीवाश्म ईंधन पर दी जा रही सब्सिडी को खत्म किया जा सके और कार्बन उत्सर्जन पर आर्थिक पाबंदियां लगाई जा सके।

 

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