7 मत्स्यपालन अनुसंधान संस्थानों ने की एक परियोजना की शुरुआत

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कोच्चि: सजावटी मछली उद्योग को बढ़ावा देने के प्रयास में, केन्द्रीय समुद्री मत्स्य अनुसंधान संस्थान (सीएमएफआरआई) के साथ मिलकर भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के बैनर तले सात मत्स्यपालन अनुसंधान संस्थानों ने शनिवार को एक परियोजना की शुरुआत की।

सीएमएफआरआई द्वारा आयोजित एक समारोह में आईसीएआर के उपनिदेशक, जनरल जे.के. जेना ने भारत में उपलब्ध संभावित संसाधनों का उपयोग करने के लिए देश के सजावटी मछली क्षेत्र के शोधकर्ताओं और उद्योग भागीदारों के बीच मजबूत संबंध रखने की आवश्यकता पर बल दिया।

जेना ने कहा, “भारत में सजावटी मछली व्यापार के विकास की संभावना बहुत अधिक है और केंद्र ने निर्यात बढ़ाने के लिए विकास के एक प्राथमिकता वाले क्षेत्र के रूप में इस क्षेत्र की पहचान की है। व्यापार को समृद्ध करने के लिए, तीन चीजों पर जोर देना होगा, जिसमें गुणवत्ता, मात्रा और स्थायित्व शामिल हैं।”

इसमें शामिल संस्थानों में भुवनेश्वर स्थित सेंट्रल इनलैंड फिशरीज रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीआईएफआरआई), लखनऊ स्थित नेशनल इनलैंड फिश जेनेटिक रिसोर्सेस (एनबीएफजीआर), चेन्नई स्थित सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ ब्रैकिशवॉटर अक्वाकल्चर (सीआईबीए), मुंबई स्थित सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ फिशरीज एजुकेशन (सीआईएफई) और उत्तराखंड के भीमताल स्थित डायरेक्टोरेट ऑफ कोल्ड वॉटर फिशरीज रिसर्च (डीसीएफआर) शामिल हैं।

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