7 साल के बच्चे ने खेलते हुए लांघी थी सरहद, 35 साल से बंद हैं पाकिस्तान की जेल में

सरबजीत सिंह जैसा ही एक और मामला सामने आया है. पाकिस्तान की जेल में भारत का एक लाल 35 साल से कैद है. उनके परिवार वाले सालों से अपने बेटे का रास्ता देख रहे हैं. अमृतसर जिले के नानक सिंह जब 7 साल के थे तब वो खेलते-खेलते भारत पाकिस्तान की सीमा पार कर गए. अमृतसर के अजनाला सेक्टर में रावी नदी से सटे गांव बेदी छन्ना के लोग बताते हैं कि साल 1985 में जब परिवार खेतों काम करने गया था तब उनका बेटा नानक खेलते वक्त सीमा पार कर पाकिस्तान चला गया. परिवार वालों ने आर्मी रेंजर्स से संपर्क किया तो उन्होंने उनका बेटा देने से मना कर दिया और उनके सामने भारत की सीमा में गई उनकी भैसें ढूंढकर लौटाने को कहा. वे न तो वो उनकी भैसें ढूंढ पाए और न ही उनके पास भैसें खरीदकर देने के लिए पैसे थे.

नानक सिंह का केस भी सरबजीत सिंह जैसा ही है. गरीबी और अशिक्षा की वजह से मामला सुर्खियां नहीं पकड़ पाया. 1990-91 में पाकिस्तान ने जेल में बंद भारतीय लोगों की लिस्ट जारी की जिसके बाद पता चला कि नानक सिंह पाकिस्तान की कोट लखपत जेल में बंद हैं. लिस्ट में नानक सिंह के पिता का नाम वैसे का वैसा ही था. नानक सिंह का नाम बदलकर कक्कड़ सिंह रख दिया गया था.

नानक सिंह के बूढ़े मां-बाप की रो रोकर आंखें सुख गई हैं. वो मरने से पहले एक बार जी भरकर अपने बेटे को देखना चाहते हैं. उनके परिवार वालों को समझ नहीं आ रहा है कि आखिर उनके बेटे को किस जुर्म में जेल में कैद किया गया है. 7 साल का बच्चा आतंकवादी नहीं हो सकता है. परिवार ने भारत सरकार को बहुत सारे पत्र लिखे लेकिन उनका कोई जवाब नहीं मिला.

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