77 कैदी कर रहे हैं भूख हड़ताल, मचा हड़कंप

0

देहरादून। इन दिनों जेल में बंद कैदी भी आंदोलन कर रहे हैं। आगरा और बरेली सेंट्रल जेल में पहले ये बात सुनने में आई। अब ये आग उत्तराखंड जेलों तक भी पहुंच गई। जेल में बंद चौदह साल की सजा काट चुके कैदियों ने भूख हड़ताल शुरू कर दिया।

जेल में बंद

जेल में बंद कैदी नहीं खा रहे हैं खाना

14 साल की सजा पूरी कर चुके 57 कैदियों की रिहाई की मांग को लेकर जिला जेल में बंद 84 कैदियों ने भूख हड़ताल शुरू कर दी। वहीं देर शाम इनमें से सात कैदियों ने खाना खाकर भूख हड़ताल तोड़ दी। इनमें से चार को एहतियात के तौर पर जेल परिसर स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि तीन कैदियों को सीधे हड़ताली कैदियों से अलग उनकी सामान्य बैरक में भेज दिया गया है।

आगरा और बरेली जेलों में पिछले कई दिन से कैदी भूख हड़ताल पर हैं। उनकी मांग है कि 14 वर्ष की सजा पूरी कर चुके कैदियों को रिहा कर दिया जाए। यूपी की ही तर्ज पर हरिद्वार की जिला जेल में एक गुमनाम पत्र जेलर शिवमूरत सिंह को मिला था।

उस पत्र में रिहाई न होने पर भूख हड़ताल की चेतावनी दी गई थी। सभी कैदियों ने खाना खाया, लेकिन जेल खुलते ही कैदियों की ओर से भूख हड़ताल के प्रार्थना पत्र आने लगे।

दोपहर के खाने से पहले कुल 90 पत्र जेल अधीक्षक एसके सुखीजा को मिले। इनमें से छह कैदियों ने कुछ ही देर में अपने पत्र वापस लेकर भूख हड़ताल से किनारा कर लिया। लेकिन 84 कैदियों ने दोपहर का खाना नहीं खाया। जेल अधीक्षक एसके सुखीजा ने जेल मैनुअल का हवाला देते हुए कैदियों से बातचीत की।

इसके बाद सात कैदियों ने देर शाम खाना खाकर भूख हड़ताल तोड़ दी। जेल अधीक्षक ने बताया कि जेल मैनुअल के मुताबिक हड़ताली कैदियों को नोटिस दे दिए गए हैं। आईजी जेल पीवीके प्रसाद को भी मामले की रिपोर्ट भेज दी गई है।

भूख हड़ताल करने पर होगी सजा

जेल मैनुअल की धारा-52 के अनुसार कोई कैदी भूख हड़ताल नहीं कर सकता। यदि वह ऐसा करता है तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज हो सकता है। इस धारा के अंतर्गत एक साल की सजा का प्रावधान है। इसके अलावा भारतीय दंड संहिता के तहत भी मुकदमा दर्ज हो सकता है।

इस समय जेल में 14 साल की सजा पूरी कर चुके 57 कैदी हैं। सजा पूरी कर चुके कुछ कैदी भूख हड़ताल में शामिल नहीं हुए है। इनमें कुछ कैदी ऐसे भी हैं जो कुछ ही वर्ष की सजा पूरी कर चुके हैं।

loading...
शेयर करें