असम पहुंचे टीएमसी के 8 नेताओं को एयरपोर्ट पर ही हिरासत में लिया गया

गुवाहाटी: असम में जारी नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजेन्स (एनआरसी) पर शुरु हुए सियासी घमासान थमता नहीं दिख रहा है। एनआरसी का विरोध करने के बाद ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के 6 सांसद और 2 विधायकों को गुरुवार को हालात का जायजा लेने असम पहुंचे। इस दौरान टीएमसी के प्रतिनिधिमंडल को पुलिस ने सिलचर एयरपोर्ट पर हिरासत में ले लिया। हिरासत में लिए जाने के बाद तृणमूल नेताओं का कहना है कि वे एयरपोर्ट छोड़कर नहीं जाएंगे। वहीं खबर है कि इन नेताओं को अगली उड़ा से वापस भेजा जाएगा।

पुलिस पर बदसलूकी का आरोप

टीएमसी प्रतिनिधिमंडल ने असम पुलिस पर आरोप लगाया है कि उनके साथ एयरपोर्ट पर धक्का-मुक्की की गई। टीएमसी नेता डेरेक ओ ब्रायन ने आरोप लगाया कि सिलचर एयरपोर्ट पर उनके नेताओं के साथ बदसलूकी की गई। उन्होंने कहा है कि एयरपोर्ट पर इस समय सुपर इमरजेंसी लगा दी गई है। ब्रायन ने कहा कि हिरासत में लिए गए सभी लोग जन प्रतिनिधि हैं। तृणमूल नेताओं ने कानून का उल्‍लंघन नहीं किया है। लोगों से मिलना उनका लोकतांत्रिक अधिकार है।

धारा 144 के तहत हुई गिरफ्तारी

उधर, सरकार का कहना है कि इलाके में धारा 144 लगी हुई और इसी वजह उन्‍हें हिरासत में लिया गया है। जिन नेताओं को हिरासत में लिया गया है उनमें पश्चिम बंगाल के मंत्री सिराज हकीम, राज्‍यसभा के दो और लोकसभा के चार सांसद हैं।

एनआरसी पर ममता बोलीं थी छिड़ेगा गृहयुद्ध

दरअसल, असम में 30 जुलाई को एनआरसी का दूसरा ड्राफ्ट आने के बाद से सियासी घमासान मचा हुआ है. ड्राफ्ट में 2.89 करोड़ लोगों को शामिल किया गया है। वहीं 40 लाख लोगों को संदिग्ध मानते हुए इस सूची में शामिल नहीं किय गया है। हालांकि उनके पास अभी इस सूची में नाम डलवाने का मौका है। इस बीच ममता बनर्जी एनआरसी के अपडेट पर लगातार सवाल खड़ा कर रही हैं. यही नहीं उन्होंने यह भी कहा है कि अगर जबरन इसे थोपा गया तो गृहयुद्ध जैसे हालात बनेंगे और खून-खराबा होगा।

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