डिंडोरी से 8 संदिग्ध गिरफ्तार, कार पर यूपी सचिवालय का स्टीकर लगा कर घूम रहे थे

0

डिंडौरी: कलेक्टर सुरभि गुप्ता के निर्देश पर कोतवाली पुलिस ने 8 संदिग्धों को हिरासत में लिया है। संदिग्धों में 4 साधु शामिल हैं, जिनके पास से दो लक्जरी कार बरामद किया गया है। हैरत की बात तो यह है कि ब्लैक कलर की लक्जरी कार में यूपी सचिवालय का स्टीकर लगा हुआ है। कलेक्टर ने बताया कि दो दिन पहले कार्यालय में फोन आया था कि लाल बहादुर नेशनल एकेडमी मसूरी के प्रोफेसर मधुसूदन स्वामी अमरकंटक जा रहे हैं और वो डिंडौरी में रुकेंगे। कलेक्टर ने कथित प्रोफ़ेसर एवं उनके साथियों के लिये सर्किट हॉउस में दो रूम बुक करवा दिया।

सर्किट हॉउस पहुंचते ही प्रोफेसर स्वामी ने आवभगत के लिये तहसीलदार को तैनात करने की पेशकश कलेक्टर से की तो उनकी वेशभूषा एवं बातचीत और व्यवहार से कलेक्टर को शक हुआ तो उन्होंने पहले लाल बहादुर नेशनल एकेडमी के वेबसाईट में कथित प्रोफेसर का नाम ढूढने का प्रयास किया, लेकिन उसमें संबंधित का नाम ही नहीं था। जब एकेडमी में संपर्क किया गया तो पता चला कि इस नाम का कोई व्यक्ति एकेडमी में है ही नहीं। कलेक्टर के निर्देश पर पुलिस ने सभी संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया है जिनसे पुलिस पूछताछ में जुटी हुई है।

पुलिस के हत्थे चढ़े संदिग्ध उत्तरप्रदेश के बताये जा रहे हैं, जिसके आधार पर पुलिस उनके आपराधिक रिकार्ड खंगाल रही है। पुलिस अधीक्षक, कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ एवं एसडीएम सहित पूरा प्रशासनिक महकमा कोतवाली में सोमवार को देर रात तक डेरा डाले रहा। इस पूरे मामले ने एकबार फिर डिंडौरी के प्रशासनिक व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है, कलेक्टर ने किसके कहने पर इन कथित संदिग्धों के लिए सर्किट हाउस में रूम बुक कराए, इसका खुलासा होना अभी बाकी है।

ये भी देखें 

लक्जरी कार में यूपी सचिवालय का स्टीकर लगाकर और खुद को मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री नेशनल एकेडमी में आईएएस ट्रेनर बताकर खुलेआम घूम रहे इन संदिग्धों के इरादे क्या थे जिसका राज खुलना अभी बाकी है। गौरतलब है कि डिंडौरी में एक फर्जी अपर कलेक्टर करीब 3 माह तक काम कर चुका है।

loading...
शेयर करें