PM Kisan Samman Nidhi Scheme की 9वीं किश्त जारी, किसानों के खाते में आएंगे इतने रुपये

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीएम किसान सम्मान निधि योजना योजना की अगली किश्त जारी की है, इसमें 9.75 करोड़ से अधिक लाभार्थी किसान परिवारों को 19,509 करोड़ रुपये की राशि ट्रांसफर

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पीएम किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan Samman Nidhi Scheme) योजना की 9वीं किश्त जारी की  है। इसमें 9.75 करोड़ से अधिक लाभार्थी किसान परिवारों को 19,509 करोड़ रुपये की राशि ट्रांसफर की गई है। इस कार्यक्रम में उनके साथ केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) भी मौजूद रहे।

इकोसिस्टम पर निवेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा इस बार देश 75वां स्वतंत्रता दिवस मनाने जा रहा है। इस अवसर पर हमें तय करना है कि आने वाले 25 वर्षों में भारत को कहां देखना चाहते हैं। 2047 में देश जब आजादी के 100 वर्ष पूरे करेगा तब भारत की स्थिति क्या होगी, ये तय करने में हमारी खेती, किसानों की बहुत बड़ी भूमिका है। प्रधानमंत्री ने कहा खाद्य तेल में हमारा देश आत्मनिर्भर हो इसके लिए हमें तेजी से काम करना है। खाने के तेल में आत्मनिर्भरता के लिए अब राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन-ऑयल पाम का संकल्प लिया गया है। इस मिशन के माध्यम से खाने के तेल से जुड़े इकोसिस्टम पर 11 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया जाएगा।

पीएम ने कहा आज भारत कृषि निर्यात के मामले में पहली बार दुनिया के टॉप-10 देशों में पहुंचा है। कोरोना काल में देश ने कृषि निर्यात के नए रिकॉर्ड बनाए हैं। आज जब भारत की पहचान एक बड़े कृषि निर्यातक देश की बन रही है तब हम खाद्य तेल की ज़रूरतों के लिए आयात पर निर्भर रहें,ये उचित नहीं।

क्या है पीएम किसान सम्मान निधि योजना

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि भारत सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं में से एक योजना है। इस योजना के अन्तर्गत छोटे और सीमान्त किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करती है, जिनके पास 2 हेक्टेयर  यानी की 4.9 एकड़ से कम भूमि हो। इस योजना के तहत सभी किसानों को न्यूनतम आय सहायता के रूप में प्रति वर्ष 6 हजार रूपया मिल रहा है। 1 दिसम्बर 2018 से लागू यह योजना किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है।

इस योजना की शुरुआत

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत  6,000 प्रति वर्ष प्रत्येक पात्र किसान को तीन किश्तों में भुगतान किया जाता है और सहायता राशि सीधे उनके बैंक खातों में जमा हो जाती है। अर्थात प्रत्येक 4 माह के बाद किसान को 2 हजार की सहायता राशि दी जा रही है। इस योजना की शुरुआत वर्ष 2018 के रबी सीजन में की गई थी। उस समय सरकार ने इसके लिए 20 हजार करोड़ रुपये का अग्रिम बजटीय प्रावधान करा लिया था, जबकि योजना पर सालाना खर्च 75 हजार करोड़ रुपये आने का अनुमान था। लेकिन देश में किसानों की संख्या अधिक होने के कारण एवं इस योजना में किसानो की दिलचस्पी होने के कारण सालाना खर्च में बढ़ोतरी हुई है।

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