छत्तीसगढ़ की ये लड़की बनी ‘पैडगर्ल’, केले के तने से बनाया इको फ्रेंडली सेनेटरी नैपकिन

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कोरबा। इन दिनों अक्षय कुमार की फिल्म पैडमैन की काफी चर्चा है। उनकी यह फिल्म सैनिटरी पैड बनाकर क्रांति लाने वाले अरुणाचलम मुरुगनाथम के जीवन पर आधारित है, जिन्होंने ग्रामीण महिलाओं के लिए सस्ते नैपकिन बनाने में अपनी पूरी जिंदगी लगा दी। इसी तरह मध्यप्रदेश की एक लड़की ने भी सस्ते और इको फ्रेंडली पैड के मॉडल पेश किए हैं। इन पैड्स की खास बात यह है कि इन्हें पूरी तरह से ऑर्गैनिक तरीके से तैयार किया गया है। यानी कि ये स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों के काफी अनुकूल हैं। इन लड़की का नाम रीना राजपूत है जो कि शासकीय हाईस्कूल स्याहीमुड़ी की छात्रा है।

कक्षा 10वीं की इस छात्रा के प्रदर्शित मॉडल इको फ्रेंडली सेनेटरी नैपकिन का चयन राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए किया गया है। महिलाओं व युवतियों के स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण समस्या पर यह मॉडल आधारित है।

विद्यालय की प्राचार्य डॉ. श्रीमती फरहाना अली के मार्गदर्शन में यह मॉडल तैयार किया गया, जिसमें शिक्षक सीमा चतुर्वेदी व हेमंत माहुलिकर का सहयोग काफी महत्वपूर्ण रहा। छात्रा रीना ने बताया कि केले के अनुपयोगी तने से रेशा निकालकर उसकी लुदी का उपयोग पैड बनाने में करने के लिए एक उपकरण तैयार किया गया। इससे बहुत कम व्यय में सेनेटरी पैड तैयार होता है। यह पूर्णतः इको फ्रेंडली सेनेटरी नैपकिन के रूप में पर्यावरण को भी नुकसान नहीं पहुंचाता।

पदाधिकारियों ने भी सराहा
सेनेटरी नैपकिन के महंगा होने के कारण आर्थिक तौर पर कमजोर व ग्रामीण परिवारों में सेनेटरी नैपकिन का चलन कम है। यह मॉडल कम खर्च में सेनेटरी नैपकिन मुहैया कराने के उद्देश्य से बनाया गया, जिसे नेशनल इनोवेटिव फाउंडेशन के पदाधिकारियों काफी सराहना मिली।

7 जिले के बाल वैज्ञानिकों ने लिया था हिस्सा
आपको बता दे कि संभागीय स्पर्धा में 7 जिले के बाल वैज्ञानिकों के मॉडल का प्रदर्शन किया गया था। इंस्पायर अवार्ड मानक प्रतियोगिता के अंतर्गत किए गए प्रदर्शन में कुल 49 मॉडलों का निरीक्षण 18 सदस्यीय निर्णायक मंडल ने किया था। विद्यालय परिवार ने उम्मीद जताई है कि दुर्ग में आयोजित होने जा रही राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भी इस महत्वपूर्ण मॉडल को सफलता मिलेगी।

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