UP पर टूटा मुसीबतों का पहाड़, एक तरफ Corona की आफत तो दूसरी ओर आग की तबाही

हर रोज सैकड़ों बीघे रबी की फसल आग में खाक हो रही है। अभी तक दर्जनों जिलों में सैकड़ों बीघे गेहूं की फसल स्वाहा हो चुकी है।

लखनऊ: उत्‍तर प्रदेश पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा है। एक तरफ शहरों में कोरोना वायरस ( Corona virus ) से आफत मची है, तो दूसरी तरफ गांवों में आग ने तबाही मचा रखी है। हर रोज सैकड़ों बीघे रबी की फसल आग में खाक हो रही है। अभी तक दर्जनों जिलों में सैकड़ों बीघे गेहूं की फसल स्वाहा हो चुकी है।

मिली जानकारी के मुताबिक, सिर्फ 10 अप्रैल को ही दस जिलों में आग से भारी क्षति पहुंची है। पश्चिम से लेकर पूरब तक के कई जिलों में किसानों की महीनों की मेहनत खाक हो रही है। ज्यादातर घटनाएं बिजली के तार टूटने की वजह से हो रही हैं।

सवाल करने वाली बात यह है कि क्या समय पर फायर ब्रिगेड की गाड़ियां नहीं पहुंच पाती हैं?  जिन किसानों की फसल जलकर राख हो हो गई है, उन्हें राहत कैसे मिलेगी। फायर विभाग ( Fire department ) के एडीजी ( ADG ) विजय प्रकाश ने बताया कि मुख्यालय की ओर से जिलों को सभी सुविधाएं और मैन पावर मुहैया कराया जा चुका है ऐसी घटना पर तुरंत करने के लिए जिलों को निर्देश भी भेजे जा चुके हैं।

बिजली से लगी आग का मुआवजा देगी विभाग

वहीं, मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के एमडी सूर्यपाल गंगवार ( MD Suryapal Gangwar ) ने कहा कि जिस भी जिले में बिजली के तार से आग लगती है वहां जली फसल का मुआवजा विभाग देता है। जिला प्रशासन की ओर से रिपोर्ट आती है और क्षति के आकलन के आधार पर किसानों को मुआवजा दिया जाता है। इस बार भी घटना के तत्काल बाद रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिये गये हैं।

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