अमेरिका की एक अदालत (Court) ने दी अभियुक्त महिला को फांसी की मंजूरी

वॉशिंगटन: अमेरिका (America) की एक अदालत (Court) ने शनिवार को देश की एक महिला के खिलाफ फांसी की सजा पर रोक के फैसले को वापस ले लिया है। अभियुक्त महिला लिसा मोंटगोमरी को वर्ष 2004 में एक बच्चे का अपहरण करके उसे जान से मारने और मिसौरी में एक गर्भवती महिला का गला घोंटने का दोषी ठहराया गया था।

लिसा 70 सालों में पहली महिला कैदी होगी जिसे फांसी की सजा दी जाएगी

अगर लिसा के खिलाफ फांसी की सजा को मंजूरी दे दी जाती है तो वह 70 सालों में इस राज्य की ऐसी पहली महिला कैदी होगी जिसे फांसी की सजा दी जाएगी। असल में मोंटगोमरी को पहले पिछले महीने फांसी दी जानी थी, लेकिन कोरोना की वजह से इस फैसले पर रोक लगा दी गयी थी। इसके बाद न्याय विभाग ने फांसी की तारीख 12 जनवरी को पुनर्निर्धारित की थी, लेकिन मोंटगोमेरी के वकीलों ने तर्क दिया कि फैसले पर रोक होने के दौरान तारीख निर्धारित नहीं की जा सकती। इस पर अदालत (Court) ने सहमति व्यक्त की और फांसी संबंधी जेल प्रशासन के निदेशक के एक आदेश को रोक दिया।

हालांकि शुक्रवार को न्यायाधीशों के एक पैनल ने निर्देशक के इस आदेश को कानून के तहत की गयी कार्रवाई करार देते हुये फांसी काे अनुमति दे दी थी। इस पर मोंटगोमरी की कानूनी टीम ने न्यायाधीशों के फैसले पर पुनर्विचार के लिये एक याचिका दायर करने की बात कही।

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