एक ऐसा गांव जहां 1300 सालों से लोगों ने नहीं देखी धरती, समुद्र के ऊपर रहते हैं लोग, जाने क्यों

बीजिंग। समंदर की लहरों पर तैरती हुई जहाजों को देखना तो आम बात है। लेकिन क्या पूरी पूरी की एक समंदर की हीचकोले खाती हुई लहरों पर बसाई जा सकती है। ये बात सुनने में नामुमकिन लगती है पर ये हकीकत है।

floating विलेज

चीन के दक्षिण पूर्व क्षेत्र के समुद्र पर बसा 7000 लोगों का तैरता शहर है। ये लोग बीते 1300 सालों से धरती पर नहीं आए। इसमें से अधिकांस लोगों ने तो आज तक धरती को देखा ही नहीं है। ये बस्ती समुद्री मछुवारो की है जो टांका कहलाते है।

चीन में कई सदियों पहले टांका कम्युनिटी के लोग वहां के शासकों के उत्पीडऩ से इतने नाराज हुए कि उन्होंने समुद्र पर ही रहना तय किया था। करीब 700 ईस्वी से लेकर आज तक ये लोग न तो धरती पर रहने को तैयार हैं और न ही आधुनिक जीवन अपनाने को तैयार हैं।

इन लोगों के पास किसी भी देश की नागरिकता नहीं है। इस प्रजाती के कुछ लोग फिलिपिंस, मलेशिया और कुछ इंडोनेशिया में पाए जाते हैं। और समुद्र पर क्या सरकार और क्या लोकतंत्र.. तो इनके पास नागरिकता का कोई प्रमाण नहीं होने पर भी ये इन देशों के नागरिक माने जाते हैं।

टांका जनजाति के लोगों का पूरा जीवन पानी के घरों और मछलियों के शिकार में ही बीत जाता है। ये जमीन पर जाने से बचने के लिए न केवल फ्लोटिंग घर बल्कि बड़े-बड़े प्लेट फार्म भी लकड़ी से तैयार कर लिए हैं।

ऐसा नहीं है कि सरकार इनपर ध्यान नहीं दे रही हो सरकार द्वारा कई बार प्रोत्साहन मिलने के बाद भी ये लोग धरती पर नहीं बसना चाहते ये अपनी दुनिया में ही खुश है।

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