तंजानिया के abdulrazzaq gurnah को मिला साहित्य का नोबेल

डोडोमा : तंजानिया के प्रसिद्ध उपन्यासकार abdulrazzaq gurnah को 2021 का नोबेल साहित्य पुरस्कार दिया जाएगा। नोबेल अकादमी ने आज इसकी घोषणा की। अकादमी ने कहा, “उपनिवेशवाद के प्रभावों को बिना समझौता किए और करुणा के साथ समझने में उनके योगदान के लिए यह पुरस्कार प्रदान किया जा रहा है।”

खुद शरणार्थी थे abdulrazzaq gurnah, इसी लिए समझते है शरणार्थी होने का दर्द

गुरनाह ने उपनिवेशवाद और खाड़ी देशों में शरणार्थियों तथा उनके संस्कृतियों के बारे में अपने उपन्यासों में खूब चर्चा की है।आपको बता दें उनके उपन्यास “पैराडाइज” को  बुकर पुरस्कार भी मिल चुका है। 1948 में तंजानिया के जंजीबार में जन्मे गुरनाह फिलहाल ब्रिटेन में रहते है, जहां वह यूनिवर्सिटी ऑफ केंट में प्रोफेसर हैं। साहित्य का नोबेल पुरस्कार पाने वाले गुरनाह पहले अफ्रीकी लेखक हैं। गुरनाह ने अबतक दस उपन्यास लिखे हैं, जिनमें “मेमरी ऑफ डिपार्चर”, “पीलिग्रीम्स वे” और “डोट्टी” में प्रवासियों की समस्याओं और अनुभवों का जिक्र है।

गुरनाह खुद ब्रिटेन में एक शरणार्थी के रूप में आए थे। इसलिए उनके उपन्यासों में शरणार्थियों का दर्द भी साफ झलकता है। उन्होंने 21 वर्ष की उम्र से अंग्रेजी में लिखना शुरू कर दिया। वे यूनिवर्सिटी ऑफ केंट में अंग्रेजी और उत्तर औपनिवेशिक साहित्य के प्रोफेसर हैं।

यह भी पढ़ें : जुमे की नमाज़ पढ़ रहे शिया मुस्लिमों पर हमला, मस्जिद में बम धमाके में 100 की मौत

Related Articles