अभय देओल का इस फिल्म पर खुलासा, फिल्मफेयर को बताया ‘फैमिलीफेयरवार्ड्स’

मुंबई: एक्टर सुशांत सिंह राजपूत के सुसाइड के बाद बॉलीवुड में नेपोटिज्म पर तीखी बहस चल रही है. अब इस बहस में अभय देओल भी जुड़ गए हैं. अभय देओल ने फिल्म इंडस्ट्री में नेपोटिज्म पर एक पोस्ट लिखी है. उन्होंने अपनी इस इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा है कि, ‘फिल्म ‘जिंदगी ना मिलेगी दोबारा’ 2011 में रिलीज़ की गई थी, जब भी मैं बहुत चिंतित या तनाव में रहता हूं तो इस फिल्म को देखता हूं.

देओल ने लिखा कि, मैं यह उल्लेख करना चाहूंगा कि, मेरी यह फिल्म हिट हुई फिर भी लगभग सभी अवार्ड फंक्शंस ने मुझे और फरहान को मेन लीड्स से डिमोट किया और हमें ‘सपोर्टिंग एक्टर्स’ के रूप में नामांकित किया. ऋतिक और कैटरीना को एक ‘एक्टर्स इन ए लीडिंग रोल’ के रूप में नामित किया गया था.

ऐसे कई तरीके हैं जिनसे लोग फिल्म इंडस्ट्री में आपके खिलाफ पैरवी करते हैं. मैंने बेशक पुरस्कारों का बहिष्कार किया लेकिन फरहान इसके साथ ठीक थे. उन्होंने अपने इस नोट के अंत में व्यंग्य के रूप में लिखा है – ‘फैमिलीफेयरवार्ड्स’. इस एक शब्द में अभय देओल ने बहुत कुछ कह दिया है.

सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या के बाद से फिल्म इंडस्ट्री के अंदर से भेदभाव से लेकर भाई-भतीजावाद, बाहरी और फिल्म इंडस्ट्री का, फिल्म इंडस्ट्री के बड़े परिवार या किसी गॉडफादर से जुड़ा होने और बिना गॉडफादर के संघर्ष करने वाले जैसे सवाल उठाए जा रहे हैं.

ऐसे सवाल कंगना रनौत, कोएना मित्रा, अनुभव सिन्हा, निर्माता निखिल दिवेदी के साथ हेयर स्टाइलिस्ट सपना मोती भवनानी और खेल जगत की बबीता फोगाट जैसे तमाम लोगों ने उठाए हैं. अनुपम खेर, कंगना रनौत, विवेक ओबेरॉय, साहिल खान जैसे कई ऐक्टर्स इंडस्ट्री में अपने स्ट्रगल की कहानी बता चुके हैं.

Related Articles