जनरल स्‍टोर में काम करने वाले आबिद अली बने WIPRO के CEO

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इंदौर आबिद अली नीमचवाला देश की तीसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी WIPRO के CEO बनाए गए हैं। वे 1 फरवरी से नए रोल में काम करेंगे। मध्य प्रदेश के मालवा इलाके के नीमच जिले में जन्मे आबिद के पिता इसी शहर में एक छोटा-सा जनरल स्टोर चलाते थे। उनके परिवार के कई लोग आज भी यहीं रहते हैं।

पत्नी हसीना के साथ शादी की सालगिरह मनाते आबिद।
पत्नी हसीना के साथ शादी की सालगिरह मनाते आबिद।

कहां हुई आबिद की पढ़ाई-लिखाई

आबिद अली का परिवार अब भी नीमच में रहता है। उनके 5 चचेरे भाई हैं। उनकी बोहरा बाजार में बर्तन की दुकान है। आबिद के भतीजे हातिम अली के मुताबिक उनकी स्कूल की पढ़ाई नीमच में ही हुई। उन्होंने रायपुर एनआईटी से इलेक्‍ट्रॉनि‍क एंड कम्‍युनि‍केशन इंजीनि‍यरिंग की है। उन्‍होंने आईआईटी, मुंबई से इंडस्ट्रियल मैनेजमेंट में मास्‍टर डि‍ग्री हासि‍ल की।

कहां थी आबिद के पिता की दुकान?

आबिद अली के पिता का नाम जैनुद्दीन लाइटवाला था। नीमच के पुस्तक बाजार में अम्बर स्टोर्स एंड स्टेशनर्स के नाम से उनका एक जनरल स्टोर और स्टेशनरी शॉप भी था। बचपन में आबिद अपने पिता का हाथ बंटाया करते थे।

आबिद के पिता जैनुद्दीन लाइटवाला।
आबिद के पिता जैनुद्दीन लाइटवाला।

3 हजार रुपए थी पहली कमाई

पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने अपने कुछ दोस्तों के साथ मिलकर एक केमिकल कंपनी के लिए एक सॉफ्टवेयर डिजाइन किया था। उसके लिए उन्हें 3 हजार रुपए मिले थे। इस सॉफ्टवेयर के स्ट्रक्चर को देखकर उस समय उनके प्रोफेसर ने कहा था- तुम एक दिन दुनिया में नाम करोगे।

 पत्नी व बेटी के साथ आबिद।
पत्नी व बेटी के साथ आबिद।

तीन बच्चों के पिता हैं आबिद, रहते हैं यूएस में

आबिद पत्नी हसीना व तीन बच्चों मुस्तफा, मुर्तजा और बेटी फातिमा के साथ यूएस में रहते हैं। दो साल पहले पिता का निधन होने पर वे नीमच आए थे। उस दौरान वे तीन घंटे ही परिवार के साथ रहे थे। वाट्सऐप के जरिए आबिद नीमच में पूरे परिवार से जुड़े रहते हैं।

टीसीएस में रहे 23 साल

आबिद अली 23 साल तक टाटा समूह की कंपनी टीसीएस में रहे हैं। 31 मार्च, 2015 को 48 हजार करोड़ रुपए का रेवेन्यू हासिल करने वाली WIPRO को आबिद ने पिछले साल ज्वॉइन किया था। उन्हें ग्लोबल आईटी मार्केट और सर्विस सेगमेंट का एक्सपर्ट माना जाता है।

 

(दैनिक भास्‍कर से साभार) 

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