निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 24 घंटे के अन्दर उम्मीदवारों का डाटा न अपलोड होने पर होगी कार्यवाही

निर्वाचन आयोग ने चुनाव में पारदर्शिता के लिए सभी कामों के लिए समय सीमा तय कर दी है। आयोग ने सभी राज्य निर्वाचन कार्यालयों को लोकसभा चुनाव के दौरान प्रत्याशियों के हलफनामें और संबधित दस्तावेक्ष 24 घंटे के भीतर आयोग की वेबसाइड पर लोड करने के आदेश जारी किए हैं। इस आदेश का पालन न करने वाले राज्य और अधिकारी केखिलाफ कार्रवाई भी हो सकती है।

आयोग को लगातार सूचना मिल रही थी कि कई राज्यों में नामांकन के 48 घंटे बाद भी उम्मीदवारों की जानकारी अपडेट नहीं की जा रही है। इस पर कार्रवाई करते हुए चुनाव आयोग ने यह आदेश जारी किया है। इसमें जानकारी और अपडेट केलिए 24 घंटे का समय मुकर्रर किया गया है।

 

आयोग की सूचना प्रौद्योगिकी इकाई के निदेशक डॉ के पाठक के हवाले से जारी दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि सुविधा एप्लीकेशन को राज्य निर्वाचन कार्यालयों और आयोग की वेबसाइट से जोड़ा है। जिससे किसी लोकसभा क्षेत्र के प्रत्याशी की जानकारी को राज्य एवं केंद्रीय आयोग की साइट पर एक साथ तुरंत प्रभाव से अपलोड किया जा सकेगा और देश के किसी भी कोने से बैठकर कहीं की भी जानकारी नामाकंन के 24 घंटे के भीतर ली जा सकेगी।

आयोग की इस व्यवस्था में उम्मीदवार के नामाकंन के दस्तावेजों को सार्वजनिक किए जाने में विलंब से बचाने की जिम्मेदारी जिला निर्वाचन अधिकारी को होगी। उम्मीदवारों को नामाकंन पत्र केसाथ परिवार की आय और संपत्ति केसाथ अपराधिक पृष्ठभूमि का भी पूरा ब्यौरा देना होगा। इसकेलिए आयोग ने दस्तावेज अपलोड करने की प्रक्रिया भी तय कर दी है। इसके तहत निर्वाचन अधिकारी को सभी दस्तावेज पीडीएफ फार्मेट में तत्काल सुविधा एप्लीकेशन पर अपलोड करना होगा। हलफनामे अपलोड करने के लिये आयोग की मुख्य वेबसाइट से संलग्न करते हुये एक अलग पोर्टल भी बनाया गया है।

आयोग ने राज्यों के सीईओ को इस व्यवस्था के बारे में जिला निर्वाचन अधिकारियों और निर्वाचन अधिकारियों को तत्काल अवगत कराने का निर्देश दिया है। आयोग ने कहा है कि इस व्यवस्था का पालन नहीं होने पर इसे गंभीरता लिया जायेगा।

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