Ladakh की खूबसूरत वादियों में गतिविधियां फिर से शुरू, पर्यटक पहु्ंचे लेह

कोरोना की दूसरी लहर के बाद लद्दाख में पर्यटन से संबंधित गतिविधियां फिर से शुरू, काफी संख्या में पर्यटक पहु्ंचे लेह

नई दिल्ली: लद्दाख (Ladakh) का नाम लेते ही वहां की खूबसूरत वादियों की छवि हमारे दिमाग में छा जाती हैं। प्रकृतिक का यह अनमोल उपहार 1 साल पहले जम्मू कश्मीर (Jammu and Kashmir) राज्य का हिस्सा था। लेकिन बीते साल 5 अगस्त को भारतीय संसद ने संविधान के अनुच्छेद 370 को निरस्त करते हुए जम्मू-कश्मीर को मिले विशेष राज्य के दर्जे को समाप्त कर दिया था। तब से जम्मू-कश्मीर से लद्दाख को अलग करते हुए दोनों को केंद्र शासित प्रदेश बना दिया गया। लेह पूरे लद्दाख का सबसे बड़ा शहर है।

कोरोना वायरस की दूसरी वेव की रफ्तार अब धीमी पड़ चुकी है। जिसे देखते हुए राज्य की सरकारों ने पाबंदियों पर ढील दे दी है। जिसके बाद से लद्दाख (Ladakh) में पर्यटन से संबंधित गतिविधियां फिर से शुरू होने के बाद पर्यटक काफी संख्या में लेह (Leh) पहुंच रहे हैं। वहां पर स्थित नीलेश पवार नामक पर्यटक ने बताया कि, हम महाराष्ट्र से आए हैं। हम हर साल आते हैं, पिछले साल कोविड के कारण नहीं आ पाए थे। लद्दाख का अनुभव काफी अच्छा रहता है।

हिमालय पर्वत के बीच में है लद्दाख

लद्दाख भारत का एक केन्द्र शासित प्रदेश है, जो उत्तर में काराकोरम पर्वत और दक्षिण में हिमालय पर्वत के बीच में है। यह भारत के सबसे विरल जनसंख्या वाले भागों में से एक है। भारत गिलगित बलतिस्तान और अक्साई चिन को भी इसका भाग मानता है, जो वर्तमान में क्रमशः पाकिस्तान और चीन के अवैध कब्जे में है। यह पूर्व में तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र, दक्षिण में भारतीय राज्य हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर के भारतीय प्रशासित केन्द्र शासित प्रदेश और पश्चिम में पाकिस्तान प्रशासित गिलगित-बल्तिस्तान और दक्षिण-पूर्वी कोने से घिरा है।

 

सुदूर उत्तर में काराकोरम दर्रा पर शिंजियांग है। यह काराकोरम रेंज में सियाचिन ग्लेशियर से लेकर उत्तर में दक्षिण में मुख्य महान हिमालय तक फैला हुआ है। पूर्वी छोर, जिसमें निर्जन अक्साई चिन मैदान शामिल हैं, भारत सरकार द्वारा लद्दाख के हिस्से के रूप में दावा किया जाता है, और 1962 से चीनी नियन्त्रण में है। अगस्त 2019 में भारत की संसद ने जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम 2019 पारित किया जिसके द्वारा 31 अक्टूबर 2019 को लद्दाख एक केन्द्र शासित प्रदेश बन गया। लद्दाख क्षेत्रफल में भारत का सबसे बड़ा केन्द्र शासित प्रदेश है। लद्दाख सबसे कम आबादी वाला केन्द्र शासित प्रदेश है।

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